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रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्रो.(डॉ.) अजीत सिंह को मिला प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान 2026’

बरेली,27 अगस्त। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर (डॉ.) अजीत सिंह को शिक्षा, शोध एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2026 के ‘राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।

यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें उच्च शिक्षा एवं शैक्षणिक शोध के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान, शैक्षणिक नेतृत्व तथा शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए प्रदान किया गया। प्रो. अजीत सिंह की इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिवार एवं शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है।

प्रो. (डॉ.) अजीत सिंह ने लगभग 19 वर्षों का समृद्ध शैक्षणिक एवं शोध अनुभव अर्जित किया है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उनकी विशेषज्ञता कृषि अर्थशास्त्र, मैक्रोइकॉनॉमिक्स, भारतीय अर्थव्यवस्था एवं समसामयिक आर्थिक मुद्दों के क्षेत्र में है।

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उनके शैक्षणिक एवं शोध योगदान में UGC-Care,स्कोप्स इंडेक्सिंग सूचीबद्ध, इंडेक्स्ड एवं पीयर-रिव्यूड जर्नल्स में प्रकाशित 33 शोध पत्र, 6 संपादित पुस्तकें, 1 स्वतंत्र लेखक पुस्तक, 12 पुस्तक अध्याय तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तपोषित एक शोध परियोजना प्रमुख रूप से शामिल हैं।

सम्मान प्राप्त होने पर प्रो.(डॉ.)अजीत सिंह ने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत गर्व एवं विनम्रता का क्षण है। मैं इसे अपने सभी शिक्षकों, सहयोगियों, शोधार्थियों और छात्रों को समर्पित करता हूँ, जिन्होंने मुझे इस मुकाम तक पहुँचने में सहयोग किया। मेरा लक्ष्य सदैव यही रहेगा कि शिक्षा और शोध के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाता रहूँ।”

‘राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान 2026’ शिक्षा, शोध एवं शैक्षणिक नेतृत्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रदान किया गया है। इस सम्मान के लिए प्रो. (डॉ.) अजीत सिंह का चयन उनके दीर्घकालीन शैक्षणिक अनुभव एवं शोध उपलब्धियों को रेखांकित करता है।
प्रो. अजीत सिंह की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के लिए भी गौरव का विषय है। उनके सम्मान से विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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