स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 वाहन निरुद्ध और 12 का चालान; 29 अगस्त के बाद अनफिट वाहनों पर होगी सख्ती

गोण्डा: 27 अगस्त 2026 को परिवहन विभाग ने मिशन सेफ गुटर 2.0 के तहत मानक विहीन और नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों ने स्कूली वाहनों की सघन जांच की और सुरक्षा मानकों के साथ वाहनों की फिटनेस तथा परमिट से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल की।

जांच के दौरान निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले 3 स्कूली वाहनों को निरुद्ध किया गया, जबकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 12 वाहनों का चालान किया गया। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना और विद्यालयों में संचालित वाहनों को निर्धारित सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप बनाए रखना है।
विद्यालय प्रबंधन को 29 अगस्त तक वाहन दुरुस्त कराने की हिदायत
परिवहन विभाग ने जनपद के सभी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से अपने विद्यालय से संबद्ध सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की तत्काल जांच कराने की अपील की है। विभाग ने विशेष रूप से अनफिट अथवा परमिट फेल स्कूली वाहनों को 29 अगस्त 2026 तक हर हाल में दुरुस्त कराकर वैध कराने को कहा है।
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समय सीमा के बाद अनफिट वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि कोई स्कूली वाहन अनफिट या परमिट फेल पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें वाहन का पंजीयन निलंबित करने के साथ वाहन को निरुद्ध करने की कार्रवाई भी शामिल है। ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन की होगी।
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील
परिवहन विभाग ने विद्यालय प्रबंधनों से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और अभियान में पूरा सहयोग करने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले और वैध दस्तावेजों वाले स्कूली वाहनों का ही संचालन सुनिश्चित किया जाए।

