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हर बार संक्रमण बढ़ाता है लॉन्ग कोविड का खतरा!

नई दिल्ली: कोरोना का टीका लगने के बावजूद बार-बार संक्रमण का खतरा बना हुआ है। अब एक चिंताजनक बात सामने आई है कि हर बार संक्रमण होने से लॉन्ग कोविड का खतरा बढ़ जाता है। लॉन्ग कोविड शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है और महीनों या सालों तक परेशान कर सकता है। हाल ही के अध्ययनों में पाया गया है कि पहली बार संक्रमित होने के बाद लॉन्ग कोविड का खतरा 10 से 50% तक होता है। लेकिन चिंता की बात यह है कि दोबारा संक्रमित होने पर यह खतरा और बढ़ जाता है और तीन बार संक्रमित होने पर सबसे ज्यादा होता है।

अमेरिका में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि 138,818 दिग्गजों में से जिन्हें कोरोना हुआ था, उनमें से 65% को लॉन्ग कोविड की समस्या थी। कनाडा में भी किए गए एक अध्ययन में यही नतीजे मिले। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है और मेमोरी टी-सेल्स को नष्ट कर देता है। ये टी-सेल्स शरीर को भविष्य में होने वाले संक्रमणों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए, बार-बार संक्रमित होने से लॉन्ग कोविड का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, बार-बार संक्रमण होने से वायरस को उत्परिवर्तित होने का मौका मिलता है, जिससे नए और ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन बन सकते हैं।

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जर्मनी जैसे देशों में कोरोना के नए केस तेजी से बढ़ रहे हैं। जेएन1 नाम का एक नया स्ट्रेन सामने आया है, जो हमारे टीके और पहले के संक्रमणों से बच सकता है। लॉन्ग कोविड से पीड़ित लोगों की मदद के लिए अमेरिका में राष्ट्रपति बाइडेन को एक खुला पत्र लिखा गया है। इसमें लॉन्ग कोविड के शोध और रोगियों की देखभाल के लिए ज्यादा से ज्यादा धनराशि देने की मांग की गई है। इसलिए, कोरोना के खतरे को अभी कम नहीं समझना चाहिए। टीका लगवाएं, मास्क पहनें और साफ-सफाई का ध्यान रखें। बार-बार संक्रमित होने से बचें, ताकि लॉन्ग कोविड जैसे गंभीर परिणामों से खुद को बचा सकें।

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