87% फैमिली बिजनेस तीसरी पीढ़ी तक पहुंचते-पहुंचते क्यों हो जाते हैं खत्म? लियोनार्ड्स मॉडल बताएगा कारोबार बचाने का रास्ता
वाशिंगटन: पारिवारिक कारोबारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि उसे अगली पीढ़ियों तक सफलतापूर्वक पहुंचाना भी है। कॉर्पोरेट जगत में यह बात अक्सर सामने आती है कि करीब 87 से 90 प्रतिशत पारिवारिक कारोबार तीसरी पीढ़ी तक पहुंचते-पहुंचते या तो बंद हो जाते हैं या फिर परिवार के भीतर मतभेदों की वजह से कमजोर पड़ जाते हैं। अमेरिका के कनेक्टिकट में स्टीव लियोनार्ड्स ने कारोबार के उत्तराधिकार को लेकर ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसे दुनिया भर के पारिवारिक कारोबारों के लिए एक उदाहरण माना जा रहा है।
स्टीव लियोनार्ड्स की पहचान अमेरिका की ऐसी किराना श्रृंखला के तौर पर है, जहां खरीदारी को मनोरंजन से जोड़कर ग्राहकों के लिए अलग अनुभव तैयार किया गया है। स्टोर में प्रवेश करते ही फार्म फ्रेश फाइव नाम का रोबोटिक संगीत समूह ग्राहकों का स्वागत करता है। यहां दूध के कार्टन और डेयरी उत्पादों के पुतले गाते और झूमते नजर आते हैं। इसी अनूठी कार्य संस्कृति और ग्राहकों के प्रति विशेष जुड़ाव के बीच 70 वर्षीय स्टीव लियोनार्ड जूनियर पिछले 44 वर्षों से कंपनी की कमान संभाल रहे हैं।

तीसरी पीढ़ी आते ही क्यों बढ़ता है संकट
प्रसिद्ध लेखक और फैमिली बिजनेस अटॉर्नी अलेजांद्रो कार्डेनास विला के मुताबिक, तीसरी पीढ़ी तक पहुंचते-पहुंचते परिवार का दायरा बड़ा हो जाता है। इसके साथ ही अलग-अलग सदस्यों की महत्वाकांक्षाएं टकराने लगती हैं। पेशेवर सोच और अनुशासन की कमी भी कारोबार के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे हालात में कई कंपनियां या तो बिक जाती हैं या फिर उनका कारोबार पूरी तरह बंद हो जाता है।
पहली से दूसरी पीढ़ी तक ही बड़ी संख्या में कारोबार खत्म
आंकड़ों के मुताबिक करीब 30 प्रतिशत कंपनियां ही पहली पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सफलतापूर्वक पहुंच पाती हैं। वहीं दूसरी से तीसरी पीढ़ी तक पहुंचते-पहुंचते केवल 13 प्रतिशत कारोबार ही अपनी स्थिति और चमक बरकरार रख पाते हैं। यही वजह है कि पारिवारिक कारोबार में उत्तराधिकार की योजना को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए बेहद अहम माना जाता है।
चार साल में नेतृत्व हस्तांतरण की तैयारी
अमेरिका में बुजुर्ग हो रही पीढ़ी से अगली पीढ़ी को संपत्ति और कारोबार हस्तांतरित होने का दौर चल रहा है, जिसे सिल्वर सुनामी के नाम से भी जाना जाता है। इसी बदलाव के बीच स्टीव लियोनार्ड जूनियर ने अपने कारोबार के लिए चार साल की अनुशासित उत्तराधिकार योजना तैयार की है। इस योजना के तहत उनकी 41 वर्षीय बेटी ब्लेक लियोनार्ड नई अध्यक्ष बनने जा रही हैं, जबकि 38 वर्षीय भतीजे जेक टवेल्लो को नया सीईओ बनाया जाना है।
कारोबार बचाने के पांच सख्त नियम
लियोनार्ड्स मॉडल में उत्तराधिकार की प्रक्रिया केवल परिवार के सदस्यों को नेतृत्व सौंपने तक सीमित नहीं है। इसके लिए पांच स्पष्ट नियम तय किए गए हैं, जिनका मकसद अगली पीढ़ी को कारोबार की जिम्मेदारी के लिए व्यावहारिक और पेशेवर तौर पर तैयार करना है।
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पहला नियम है कि परिवार के बच्चों को कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद कम से कम दो साल किसी बाहरी कंपनी में काम करना होगा। इससे उन्हें परिवार के कारोबार से बाहर की कार्य संस्कृति और वास्तविक चुनौतियों को समझने का अनुभव मिलेगा।
दूसरा नियम यह है कि कंपनी में पिता या किसी अन्य पारिवारिक सदस्य की भूमिका से ज्यादा एक सख्त बॉस की भूमिका अहम होगी। काम के दौरान रिश्तों को अलग रखते हुए प्रदर्शन, अनुशासन और पेशेवर जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
तीसरे नियम के तहत कंपनी के शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारियों को दो हिस्सों में बांटने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य नेतृत्व के बीच संतुलन बनाए रखना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
चौथा नियम पारिवारिक संवाद से जुड़ा है। इसके तहत साल में कम से कम एक बार पूरे परिवार को एक साथ बैठकर कारोबार के भविष्य और आगे की रणनीति पर चर्चा करनी होगी।
पांचवां नियम है कि उत्तराधिकारी को सीधे बड़े पद पर बैठाने के बजाय कारोबार की शुरुआत निचले स्तर से करनी होगी। इससे उसे कंपनी के जमीनी कामकाज, कर्मचारियों और कारोबार की वास्तविक प्रक्रिया को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
लियोनार्ड्स मॉडल में परिवार से पहले कारोबार
स्टीव लियोनार्ड्स की उत्तराधिकार योजना का मूल आधार यही है कि परिवार के भीतर संबंध अपनी जगह हैं, लेकिन कंपनी चलाने के लिए पेशेवर अनुशासन जरूरी है। बाहरी अनुभव, जमीनी स्तर से काम की शुरुआत, जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा और नियमित पारिवारिक संवाद जैसे नियम अगली पीढ़ी को नेतृत्व के लिए तैयार करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करते हैं।

