उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण आजीविका मिशन में “प्रेरणा दिवस” को दिया विशेष महत्व

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की कार्यप्रणाली को और मजबूत करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकासखंड स्तर पर हर महीने के मंगलवार को “प्रेरणा दिवस” के रूप में विशेष बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों में मिशन से जुड़े सभी प्रतिनिधियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

हर मंगलवार को अलग-अलग समूहों पर होगी फोकस बैठक
निर्देशों के अनुसार महीने के प्रथम मंगलवार को समूह सखी, द्वितीय मंगलवार को बैंक सखी, एफएलसीआरपी (वित्तीय साक्षरता सामुदायिक संसाधन व्यक्ति) और विद्युत सखी, तृतीय मंगलवार को अजीविका सखी और उद्योग सखी तथा चतुर्थ मंगलवार को एफएनएचडब्ल्यू सीआरपी (खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संसाधन व्यक्ति) की समीक्षा बैठक प्रेरणा दिवस के रूप में आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में महिलाओं की शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा और उनकी गतिविधियों व क्रियाकलापों को सुचारू रूप से चलाने के उपायों पर ध्यान दिया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण और स्वालम्बन में क्रांतिकारी कदम
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और स्वालम्बन की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को जोड़कर उन्हें विभिन्न गतिविधियों और प्रशिक्षण के जरिए न केवल स्वावलम्बी बनाया जा रहा है, बल्कि उन्हें लखपति दीदी की श्रेणी में लाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

समूहों की दीदियों को विभिन्न विभागों से समन्वय कर उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। प्रेरणा दिवस के आयोजन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उनकी गतिविधियों में किसी प्रकार की दिक्कत या अवरोध न आए और ग्रामीण महिलाओं को सीधे लाभ मिल सके।
ग्रामीण महिलाओं तक सीधे लाभ पहुंचाने का संदेश
श्री मौर्य ने कहा कि “प्रेरणा दिवस” कार्यक्रम से यह स्पष्ट हो रहा है कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं तक सीधे लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा, जिससे पूरे समुदाय का विकास सुनिश्चित होगा।
