गोंडा में TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का मशाल जुलूस, यूटा के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन

गोंडा में सेवारत शिक्षकों पर TET अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में मंगलवार को यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) की जिला इकाई ने बड़ा आंदोलन किया। जिला अध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकालकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।

गांधी पार्क से अंबेडकर चौराहा तक गूंजे विरोध के नारे
शिक्षकों का यह मशाल जुलूस स्थानीय गांधी पार्क से शुरू होकर अंबेडकर चौराहा तक पहुंचा। इस दौरान “शिक्षकों के सम्मान में यूटा मैदान में”, “शिक्षकों का ये अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और “काला कानून वापस लो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। अंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर सभा के बाद जुलूस समाप्त हुआ।
पुराने शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि आरटीई लागू होने से पहले से कार्यरत शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता थोपना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।
अनुभव को नजरअंदाज करना गलत: रवि प्रकाश सिंह

जिला अध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता और वर्षों के समर्पण से ही शिक्षक अपनी योग्यता साबित करते हैं। ऐसे में अनुभवी शिक्षकों को एक परीक्षा के आधार पर आंकना उचित नहीं है।
‘सेवा के बीच नियम बदलना न्याय के खिलाफ’
जिला संरक्षक हेमंत तिवारी ने कहा कि 10-15 वर्षों से विपरीत परिस्थितियों में कार्य कर रहे शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। वहीं महामंत्री आत्रेय मिश्रा ने कहा कि सेवा के बीच नए नियम लागू करना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
विभिन्न संगठनों और पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
इस दौरान परसपुर विकास मंच के अरुण सिंह, इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह, शिव कंपटीशन हब के संचालक एवं एनएसटी के अध्यक्ष डॉ. अजय पाठक सहित यूटा के कई पदाधिकारी और विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष व शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम की जानकारी संगठन के मीडिया प्रभारी अरुण मिश्र ने दी।
