विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस पर रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में उपयोगकर्ता जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन

बरेली,23अप्रैल।महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के अवसर पर एक व्यापक उपयोगकर्ता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को पुस्तकों के महत्व, पठन संस्कृति के विकास, डिजिटल संसाधनों के उपयोग तथा कॉपीराइट कानूनों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के प्रेरणास्रोत एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से ही इस आयोजन को भव्य रूप मिल सका। उन्होंने पुस्तकालय विभाग को इस प्रकार के जनजागरूकता अभियानों को निरंतर आयोजित करने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. महेश सिंह ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि पुस्तकें न केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम हैं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और समाज के बौद्धिक विकास की आधारशिला भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन एवं पुस्तकालय के अधिकतम उपयोग के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कॉपीराइट नियमों के महत्व पर बल देते हुए बौद्धिक संपदा की सुरक्षा को जागरूक नागरिक का कर्तव्य बताया।
उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. सुभाष चंद्र ने ई-संसाधनों, ई-जर्नल्स एवं डिजिटल लाइब्रेरी के उपयोग संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का आह्वान किया। डॉ. विनीता जैन ने कॉपीराइट अधिनियम के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए शैक्षणिक कार्यों में उचित संदर्भ (Citation) देने और प्लेगरिज्म (नकल) से बचने की आवश्यकता समझाई।

इस अवसर पर एक पुस्तक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों की महत्वपूर्ण पुस्तकों, शोध पत्रों एवं संदर्भ सामग्री को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने पुस्तकों के महत्व को समझते हुए अधिकाधिक अध्ययन करने का संकल्प लिया तथा कॉपीराइट नियमों के पालन एवं बौद्धिक संपदा के प्रति सम्मान बनाए रखने की शपथ ली।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में केंद्रीय पुस्तकालय के समस्त स्टाफ सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। अंत में डॉ. विनीता जैन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों तथा विशेष रूप से कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह जी के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह कार्यक्रम ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा तथा विद्यार्थियों में पठन-पाठन के प्रति नई ऊर्जा एवं जागरूकता उत्पन्न करने में सफल सिद्ध हुआ। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
