आईसीएआर–आईवीआरआई में अत्याधुनिक शिक्षण परिसर के निर्माण हेतु शिलान्यास, शैक्षणिक अवसंरचना सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

बरेली, 24 अप्रैल। आईसीएआर– आईवीआरआई में अत्याधुनिक टीचिंग कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास, शैक्षणिक अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

आईसीएआर–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय) ने शैक्षणिक अवसंरचना के आधुनिकीकरण के अपने मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए प्रस्तावित तीन मंजिला अत्याधुनिक टीचिंग कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास समारोह का आयोजन किया। इस भवन का शिलान्यास आईसीएआर, नई दिल्ली के उप महानिदेशक (पशु विज्ञान) एवं आईवीआरआई के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र भट्टा द्वारा किया गया।
इस समारोह में कई विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. जे. एस. त्यागी (निदेशक, सीएआरआई), डॉ. एस. के. मेंदीरत्ता (संयुक्त निदेशक–शैक्षणिक), डॉ. एस. के. सिंह (संयुक्त निदेशक–अनुसंधान), डॉ. रूपसी तिवारी (संयुक्त निदेशक–प्रसार) तथा डॉ. सोहिनी दे (संयुक्त निदेशक–कैडरैड) शामिल थे। कार्यक्रम में आईवीआरआई के अनेक अधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिनमें नियंत्रक परीक्षा, शैक्षणिक समन्वयक, वरिष्ठ रजिस्ट्रार, विभिन्न प्रभागों के अध्यक्ष, अनुभाग प्रभारी, प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारी, सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्नातक छात्र शामिल थे।
प्रस्तावित केंद्रीय वातानुकूलित भवन को छात्र समुदाय की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रजत गर्ग, समन्वयक (स्नातक) ने भवन की वास्तु योजना प्रस्तुत करते हुए आगंतुक गणमान्य अतिथियों को इसके रणनीतिक लेआउट की विस्तृत जानकारी दी।

प्रस्तावित टीचिंग कॉम्प्लेक्स में 100-100 विद्यार्थियों की क्षमता वाले पाँच बड़े और आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे, साथ ही शैक्षणिक परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए दो परीक्षा कक्ष भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त परिसर में समिति कक्ष, स्टाफ रूम, कार्यालय तथा एक समर्पित कम्युनिटी कनेक्ट सेंटर भी होगा, जिसका उद्देश्य अकादमिक जगत और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. राघवेन्द्र भट्टा ने संस्थान की उस प्रतिबद्धता पर जोर दिया, जिसके तहत ऐसी अधोसंरचना विकसित की जा रही है जो न केवल शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ बनाए, बल्कि कम्युनिटी कनेक्ट सेंटर के माध्यम से समाज के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो। उन्होंने विशेष रूप से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और इसे निर्धारित 24 माह की समयसीमा के भीतर पूर्ण करने पर बल दिया।
वहीं डॉ. एस. के. मेंदीरत्ता, संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) ने कहा कि यह परियोजना आईवीआरआई में उच्च स्तरीय शिक्षण और अनुसंधान के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
टीचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा तथा इसके 24 माह के भीतर पूर्ण होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
