“हर बूंद से समृद्धि” सम्मेलन में गूंजा जल संरक्षण का संदेश, सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित होटल रिजेंसी में मंगलवार को “हर बूंद से समृद्धि — सूक्ष्म सिंचाई से किसानों की उन्नति” विषय पर लघु एवं सूक्ष्म सिंचाई सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कार्ड संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग के सहयोग से किया गया, जिसमें प्रदेश भर से किसान, कृषि विशेषज्ञ, विभागीय अधिकारी और माइक्रो इरीगेशन क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने प्रदेश सरकार की ओर से संचालित योजनाओं और उद्यान एवं सिंचाई क्षेत्र में बीते वर्षों में हुए सकारात्मक बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्ड संस्था के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरिन्दम सिंह रॉय ने कहा कि संस्था पूरे देश में एफपीओ नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को सूक्ष्म और लघु सिंचाई तकनीकों से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
वहीं, आईएसीसी के चेयरमैन मुकेश बहादुर सिंह ने कहा कि माइक्रो इरीगेशन तकनीकों के जरिए युवा वर्ग सब्जियों के निर्यात के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं तलाश सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आगामी 12 जून को विशेष सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
आधुनिक तकनीकों के प्रदर्शन ने खींचा ध्यान

कार्यक्रम में उद्यान विभाग के निदेशक डॉ. वी. बी. राज भी मौजूद रहे। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के दौरान कई प्रमुख कंपनियों ने अपनी उन्नत सिंचाई तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन किया। इनमें माइ इरीगेशन वर्ल्ड, प्रीमियर इरीगेशन, सिगनेट ग्रुप, नेटाफिम, महिंद्रा-ईपीसी और जैन इरीगेशन जैसी कंपनियां शामिल रहीं। वहीं, नॉलेज पार्टनर के रूप में 3EA ने भी भागीदारी की।
विशेषज्ञों और किसानों के बीच हुआ संवाद
कार्यक्रम में कार्ड संस्था की ओर से क्षेत्रीय निदेशक शोभित श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी एम. एस. खान और बिहार से आए डॉ. अशोक कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा हॉफेड की ओर से नवलेश प्रताप सिंह तथा विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन का समापन किसानों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के बीच संवाद सत्र और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन के दौरान जल संरक्षण, आधुनिक सिंचाई तकनीकों और कृषि निर्यात को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।
