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भारत-चीन के बीच बीजिंग में अहम वार्ता, सीमा मुद्दों और बॉर्डर स्थिरता पर हुई विस्तृत चर्चा

बीजिंग: भारत और चीन के अधिकारियों के बीच सीमा मामलों को लेकर बीजिंग में अहम बैठक आयोजित की गई। भारत-चीन सीमा मामलों पर कार्यकारी तंत्र यानी डब्ल्यूएमसीसी की 35वीं बैठक 27 मई 2026 को हुई, जिसमें दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति, शांति बनाए रखने और आपसी समन्वय को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने किया, जबकि चीनी पक्ष की अगुवाई चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा एवं महासागरीय मामलों के विभाग की महानिदेशक होउ यानची ने की।

रचनात्मक और सकारात्मक रही बातचीत

सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत रचनात्मक, सकारात्मक और भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने वाली रही। भारत और चीन ने सीमा क्षेत्रों की स्थिति की व्यापक समीक्षा की और वहां शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों पर संतोष जताया।

दोनों देशों ने माना कि सीमा क्षेत्रों में शांति कायम रहने से द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की प्रक्रिया को गति मिली है।

सीमा प्रबंधन और समन्वय तंत्र पर जोर

वार्ता के दौरान सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन और दोनों देशों के बीच समन्वय तंत्र को और मजबूत करने के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके साथ ही सीमा पार सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

भारतीय पक्ष ने खासतौर पर सीमा पार नदियों से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए एक्सपर्ट लेवल मैकेनिज्म की अगली बैठक जल्द आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राजनयिक और सैन्य संवाद जारी रखने पर सहमति

बैठक में दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि राजनयिक और सैन्य स्तर पर नियमित संवाद और संपर्क बनाए रखा जाएगा। इसके लिए उन तंत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिन पर 24वीं स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव वार्ता के दौरान सहमति बनी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच लगातार संवाद बनाए रखना सीमा क्षेत्रों में तनाव कम करने और स्थिरता कायम रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अगली विशेष प्रतिनिधि बैठक की तैयारी शुरू

बैठक के दौरान भारत और चीन ने चीन में आयोजित होने वाली अगली विशेष प्रतिनिधि बैठक की व्यापक तैयारियों के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।

बीजिंग दौरे के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सुजीत घोष ने चीन के विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक श्लियू जिनसोंग से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने चीन के सहायक विदेश मंत्री होंग लेई से भी शिष्टाचार भेंट की।

सीमा विवाद के बीच अहम मानी जा रही बैठक

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई बार तनाव की स्थिति बनी है। ऐसे में बीजिंग में हुई यह बैठक दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने और संबंधों को सामान्य दिशा में आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

 

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