मैक्स हॉस्पिटल में गूंजी बदलाव की आवाज, “रेड डॉट टॉक्स – Voices of Change” कार्यक्रम में मासिक धर्म जागरूकता पर खुलकर हुई चर्चा

लखनऊ: मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर विमेनशाइन चैंबर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (WCE) की ओर से मैक्स हेल्थकेयर, लखनऊ में “RED DOT TALKS – Voices of Change” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़े मिथकों, सामाजिक वर्जनाओं और गलत धारणाओं को तोड़ते हुए समाज में जागरूकता बढ़ाना था। इस दौरान महिलाओं, युवतियों, पुरुषों और लड़कों के बीच सकारात्मक और समावेशी संवाद को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक सुश्री अनुपमा शांडिल्य रहीं। उन्होंने मासिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि समाज में इस विषय पर खुलकर बातचीत होना बेहद जरूरी है।
मासिक धर्म से जुड़े मुद्दों पर खुलकर हुई चर्चा
कार्यक्रम के तहत आयोजित पैनल चर्चा का विषय “Breaking the Silence: Menstruation, Myths & Modern India” रखा गया। चर्चा में मासिक धर्म स्वास्थ्य, जागरूकता, सामाजिक सोच, स्कूलों में संवेदनशील वातावरण और समाज में फैली भ्रांतियों जैसे अहम विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
पैनलिस्ट के रूप में प्रतिमा त्रिपाठी, प्रतिभा सिंह और सीमा सिंह ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि मासिक धर्म को लेकर समाज में अब भी कई मिथक और झिझक मौजूद हैं, जिन्हें शिक्षा और संवाद के जरिए दूर करने की जरूरत है।
कार्यक्रम में समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर

कार्यक्रम का संचालन याशिका बंसल ने किया। इस अवसर पर विमेनशाइन एवं WCE की संस्थापक अपरना मिश्रा ने कहा कि मासिक धर्म जागरूकता सिर्फ महिलाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “Voices of Change के माध्यम से हमारा प्रयास समाज में खुली, जागरूक और समावेशी बातचीत को बढ़ावा देना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक और संवेदनशील वातावरण तैयार किया जा सके।”
स्कूलों और समुदायों में चलाए जाएंगे जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में भविष्य की योजनाओं को लेकर भी जानकारी साझा की गई। इसमें स्कूल जागरूकता अभियान, सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम और पीरियड पॉजिटिव समाज के निर्माण की दिशा में विभिन्न पहलों पर काम करने की बात कही गई।
इस आयोजन में डॉक्टरों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, महिला उद्यमियों, युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की और मासिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के संकल्प को मजबूती दी।
