Friday, May 29, 2026
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भीषण गर्मी से मिलेगी राहत! भारत की ओर बढ़ रहा 2500 किमी चौड़ा बादलों का विशाल सिस्टम, कई राज्यों में बारिश के संकेत

नई दिल्ली: उत्तर भारत में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम अब राहत देने के मूड में नजर आ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार करीब 2500 किलोमीटर चौड़ा बादलों का एक विशाल सिस्टम तेजी से भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसके असर से आने वाले दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

भारतीय मौसम उपग्रह इनसैट-3डीएस द्वारा कैद की गई तस्वीरों में उत्तर और मध्य भारत के ऊपर घने बादलों का बड़ा समूह साफ दिखाई दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि यह सिस्टम प्री-मानसून गतिविधियों के तेज होने का संकेत दे रहा है और इसके असर से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

उत्तर भारत से मध्य भारत तक दिखेगा असर

मौसम विभाग के मुताबिक बादलों का यह घेरा पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई हिस्सों तक फैला हुआ है। इसके चलते इन क्षेत्रों में तेज हवाएं, बारिश और बिजली चमकने जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है और कई इलाकों में गर्मी से बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

दिल्ली में बदला मौसम, तापमान में आई गिरावट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार पालम क्षेत्र में हवा की अधिकतम रफ्तार 61 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई।

लगातार कई दिनों से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहे तापमान में भी कमी दर्ज की गई है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है।

31 मई तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां 31 मई तक जारी रह सकती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान के उत्तरी इलाकों में पहले ही बारिश शुरू हो चुकी है और यही मौसम प्रणाली धीरे-धीरे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है।

IMD ने संभावना जताई है कि शुक्रवार को तूफानी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इसके बाद 30 और 31 मई तक यह सिस्टम गुजरात की ओर बढ़ सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ और नमी वाली हवाओं का असर

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ, राजस्थान और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण तथा बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाएं इस बदलाव की प्रमुख वजह हैं। इन कारणों से वातावरण में नमी तेजी से बढ़ी है और प्री-मानसून बारिश का मजबूत सिस्टम तैयार हुआ है।

मौसम विभाग का कहना है कि इस बार अप्रैल और मई की शुरुआत में हुई बारिश की तुलना में प्री-मानसून गतिविधियां ज्यादा व्यापक और असरदार हो सकती हैं। इससे कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

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