Friday, May 29, 2026
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इजरायल के सबसे बड़े समर्थक भारत, PM नेतन्याहू बोले- दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार यहीं मिलता है

नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर भारत और इजरायल के मजबूत रिश्तों की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में भारत से उन्हें और इजरायल को सबसे ज्यादा समर्थन मिलता है। नेतन्याहू ने भारत में इजरायल के प्रति लोगों के रुझान को बेहद खास बताते हुए कहा कि यहां इजरायल के लिए जबरदस्त लगाव देखने को मिलता है।

वेस्ट बैंक में गुरुवार को आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई ताकतें इजरायल की वैधता को चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन भारत का रुख पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा कि भारत में इजरायल के लिए बेहद मजबूत समर्थन मौजूद है और दुनिया में सबसे ज्यादा उनके समर्थक भारत में ही हैं।

नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में इजरायल को लेकर विरोध और मुश्किलें हैं, लेकिन भारत में ऐसा माहौल बिल्कुल नहीं है। उन्होंने भारत में इजरायल के लिए मौजूद समर्थन को “क्रेजी लव” बताते हुए कहा कि भारतीय जनता के बीच इजरायल के प्रति अलग ही जुड़ाव देखने को मिलता है।

गाजा को लेकर भी दिया बड़ा बयान

सम्मेलन के दौरान नेतन्याहू ने गाजा युद्ध को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना इस समय गाजा पट्टी के करीब 60 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर चुकी है और अगला लक्ष्य इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक ले जाना है। उन्होंने साफ किया कि हमास के खिलाफ सैन्य अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

नेतन्याहू के इस बयान के दौरान कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने पूरे गाजा पर कब्जे की मांग करते हुए नारे भी लगाए। इजरायली प्रधानमंत्री ने संकेत दिए कि आने वाले समय में सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है।

मोदी के इजरायल दौरे के बाद और मजबूत हुए रिश्ते

नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में इजरायल का अहम दौरा किया था। इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में नई दिशा देने वाला कदम माना गया था।

यरुशलम में हुई बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉर पीस, इनोवेशन एंड प्रॉस्पेरिटी” तक विस्तार देने का ऐलान किया था। इस दौरान रक्षा, व्यापार, साइबर सिक्योरिटी, कृषि, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी।

इसके अलावा सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, फिनटेक, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल हेल्थ सेक्टर में साझेदारी मजबूत करने को लेकर भी दोनों देशों के बीच व्यापक चर्चा हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दौरान गाजा शांति योजना का समर्थन करते हुए पश्चिम एशिया में स्थिरता और शांति की आवश्यकता पर जोर दिया था।

2017 का दौरा बना था ऐतिहासिक मोड़

भारत और इजरायल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध साल 1992 में स्थापित हुए थे, लेकिन साल 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा दोनों देशों के रिश्तों के इतिहास में सबसे अहम मोड़ माना जाता है। नरेंद्र मोदी इजरायल की यात्रा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे।

उस ऐतिहासिक दौरे ने यह साफ संकेत दिया था कि भारत अब इजरायल के साथ अपने संबंधों को खुलकर आगे बढ़ाने की नीति पर काम कर रहा है। इसके बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत होती गई।

आज भारत एशिया में इजरायल के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। दोनों देश रक्षा और तकनीकी सहयोग के अलावा ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ और ‘I2U2’ जैसे वैश्विक मंचों पर भी मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच राजनीतिक तालमेल को भी दोनों देशों की बढ़ती नजदीकियों की बड़ी वजह माना जा रहा है।

 

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