मण्डलायुक्त ने फार्मर रजिस्ट्री तथा फैमिली आई.डी की भी समीक्षा की और पाया कि मंडल में 80.16 प्रतिशत लोगों की फैमिली आई.डी. बन चुकी है

बैठक में स्वास्थ्य विभाग (संचारी रोग) की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि मच्छर जनित क्षेत्रों में फागिंग आदि करवायी जाए। उन्होंने एम्बुलेंस टाइम तथा 108 का पेमेंट की जानकारी ली, जिस पर अवगत कराया गया कि बजट आ गया है तथा कार्मिकों को दिया जा रहा है लेकिन 108 का पेमेंट राज्य स्तर पर ही होता है। बैठक में आयुष्मान कार्ड तथा एच0पी0वी0 वैक्सीनेशन की भी समीक्षा की गयी।

मण्डलायुक्त ने आर0बी0एस0के0 के कार्य की भी समीक्षा की, जिस पर अवगत कराया गया कि हर विकास खण्ड में दो टीमें होती हैं, जिस पर मण्डलायुक्त ने मुख्य विकास अधिकारी को उनके कार्यों की गुणवत्ता देखने के निर्देश दिए। मण्डलायुक्त ने कहा कि अल्ट्रासाउंड सेंटर के संदर्भ में शिकायतें आती है कि सेण्टरों में डॉक्टर स्वयं नहीं बैठते हैं वह अपने स्थान पर अन्य को बैठाते हैं, जिस पर बताया गया कि तहसील आंवला के दो अल्ट्रासाउंड सेंटर सीज किए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों और तीमारदारों के साथ अच्छा व्यवहार रखें, डिस्चार्ज के बाद भी मरीजों से कर्मियों द्वारा कैसा व्यवहार किया गया था इसका फीडबैक लें। अवगत कराया गया कि पर्चा बनवाने के लिए जिला अस्पताल में पांच काउन्टर हैं, इसके अतिरिक्त ऑनलाइन भी व्यवस्था है तथा पर्चा बनवाने हेतु आधार कार्ड की अनिवार्यता है।
बैठक में निराश्रित गौवंश की समीक्षा की, जिस पर अवगत कराया कि जिन गौशालाओं में 50 से कम गौवंश हैं वहां के गौवंशों को बड़ी गौशालायों में शिफ्ट किया जा रहा है और खाली कराई जा रही गौशालाओं में भूसा संग्रहण केन्द्र बनाया जायेगा या हरा चारा उगाया जायेगा। मण्डलायुक्त ने विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में जानकारी ली कि चारागाह की भूमि का चिन्हाकन कर कब्जा मुक्त कराए जाने के निर्देश दिये गए थे उक्त क्रम में क्या कार्यवाही हुई है तथा विभागीय अधिकारियों को चारागाह की जमीनों का चिन्हाकन करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की भी समीक्षा की गयी, जिसके अन्तर्गत मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), बाल विकास एवं पुष्टाहार व प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के बारे में जानकारी ली गयी, जिस पर अवगत कराया गया कि सैम से मैम में परिवर्तन त्रैमासिक अवधि में होता है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के बारे में बताया गया कि पिछले बार की अपेक्षा लक्ष्य तीन गुना कर दिया गया है विगत वर्ष लक्ष्य 10000 था इस वर्ष 30000 का लक्ष्य दिया गया है।
मण्डलायुक्त द्वारा विगत बैठक में अपर निदेशक बेसिक शिक्षा को स्कूल वार नामांकन सत्यापन करने के निर्देश दिये गये थे उसकी प्रगति की जानकारी ली गयी, जिस पर बताया गया कि निरीक्षण किया गया है और नामांकन सही पाया गया। मण्डलायुक्त ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों को चिन्हित करने के भी निर्देश दिये। प्राइवेट अस्पतालों से भी टीकाकरण की रिपोर्ट लेने के लिए भी कहा, जिस पर बताया गया कि बरेली में रिपोर्ट ली जा रही है।
मण्डलायुक्त ने निर्माण कार्यों के अन्तर्गत ऐसे कार्यों की भी समीक्षा की गयी जो योजनाएं पूर्ण हैं लेकिन अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है, जिसमें बताया गया कि सिधौली में कस्तूरबा गांधी विद्यालय का कार्य इस सप्ताह पूर्ण हो जाएगा, नर्सिंग कालेज शाहजहांपुर का कार्य भी इसी सप्ताह पूर्ण हो जाएगा, कस्तूरबा गांधी बीसलपुर में छात्रावास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण है विद्युत सुरक्षा की एनओसी लंबित है। जयप्रकाश नारायण विद्यालय समरेर के सन्दर्भ में बताया गया कि विभाग द्वारा अभी जांच हेतु कमेटी गठित नहीं की गयी है।
इसके अतिरिक्त बताया गया कि तिलहर के निर्माण, सहसवान में बालिका छात्रावास, ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण व मनौना आंवला में हॉस्टल निर्माण कार्य पूर्ण कराकर हैंडओवर कर दिया गया है। बचपन डे केयर का निर्माण कार्य इसी माह पूर्ण कर हैंडओवर हो जाएगा।

इसके अतिरिक्त दातागंज में अमृत सरोवर का निर्माण कार्य चल रहा है, गुरगवां में पशु चिकित्सा पॉलिक्लीनिक का निर्माण कार्य, जलालाबाद स्थित परशुराम मंदिर का निर्माण कार्य तथा रुहेलखण्ड नहर के अन्तर्गत आवास निर्माण कार्य चल रहा है। मा0 मुख्यमंत्री जी के घोषणा के निर्माण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि सैटेलाइट बस स्टेशन का निर्माण कार्य अभी तकनीकी कारणों से आरम्भ नहीं हुआ है।
बैठक में राजस्व कार्यों की भी समीक्षा बैठक की गयी, जिसमें पाया गया कि राज्यकर में पीलीभीत जनपद का कार्य मण्डल में सबसे अच्छा है, इनके द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष 71 प्रतिशत वसूली कर ली गयी है। स्टाम्प रजिस्ट्रेशन की समीक्षा में पाया कि मण्डल में बरेली प्रथम स्थान पर है। आबकारी विभाग की समीक्षा में पाया गया कि जनपद बरेली ने 95 प्रतिशत तथा अन्य जनपदों में शत प्रतिशत राजस्व प्राप्ति की है। बैठक में परिवहन, विद्युत, नगर निगम आदि विभागों के राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गयी और आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मुख्य देय और विधिक देय में भी अच्छी स्थिति पायी गयी।
बैठक में राजस्व वादों की समीक्षा में पांच साल के अधिक के लम्बित वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। धारा-44, धारा- 34, धारा-38, धारा-67, धारा-80 व धारा-116 की भी समीक्षा की गयी। जनपद राजस्व वादों के निस्तारण में बदायंू की स्थिति अन्य जनपदों की अपेक्षा ठीक नहीं पायी गयी।
बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि आई0जी0आर0एस0 में संतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत मण्डल स्तर पर कम हो रहा है, इसे बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए तथा शिकायत के निस्तारण की कॉपी शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त देवेन्द्र प्रताप, अपर आयुक्त न्यायिक प्रीति जायसवाल, जिलाधिकारी बरेली अविनाश सिंह जिलाधिकारी बदायूं अवनीश कुमार राय, जिलाधिकारी पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारीगण सहित समस्त मंडल स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
