सीएम योगी का बड़ा विजन: लखनऊ में शुरू हुआ क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, किसानों और आपदा प्रबंधन को मिलेगा बड़ा सहारा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र उत्तर प्रदेश के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगा और किसानों, आम नागरिकों तथा प्रशासन को समय पर सटीक मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में मौसम विज्ञान और पूर्वानुमान प्रणाली में व्यापक सुधार हुए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और सीमित कृषि भूमि में भी खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाता है। ऐसे में मौसम की सटीक जानकारी किसानों और कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

किसानों के लिए वरदान साबित होगा नया केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर बारिश, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, ओलावृष्टि और अन्य मौसमीय घटनाओं की जानकारी मिलने से किसानों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश की कुल कृषि योग्य भूमि का लगभग 11 प्रतिशत हिस्सा रखता है और कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में मौसम आधारित वैज्ञानिक व्यवस्था खेती को और अधिक सुरक्षित और लाभकारी बना सकती है।
12 वर्षों में मौसम पूर्वानुमान में आया बड़ा बदलाव
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले मौसम संबंधी अनुमान कई बार वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाते थे, लेकिन अब तकनीक और आधुनिक प्रणालियों की मदद से मौसम की अधिक सटीक जानकारी प्राप्त हो रही है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय केंद्र सरकार और मौसम विज्ञान विभाग द्वारा किए गए सुधारों को दिया।
अर्ली वार्निंग सिस्टम से बच रही हैं जानें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में अर्ली वार्निंग सिस्टम ने आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं से पहले मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजे जाने की व्यवस्था ने लोगों को समय रहते सतर्क होने का अवसर दिया है।
सहारनपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर मौसम विभाग की चेतावनी मिलने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सका और संभावित जनहानि टल गई।
आकाशीय बिजली से मौतों में आई कमी

मुख्यमंत्री ने बताया कि मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली समेत कई जिलों में पहले हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवाते थे। अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू होने के बाद ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने लोगों से भी मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की।
प्रदेश अपना सैटेलाइट चाहता है
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार मौसम की और अधिक सटीक जानकारी के लिए अपना सैटेलाइट विकसित करने की दिशा में भी प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में इसरो से अनुरोध किया गया है, ताकि प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप मौसम संबंधी आंकड़े और पूर्वानुमान उपलब्ध हो सकें।
जलवायु परिवर्तन पर भी जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम चक्र में बदलाव देखने को मिल रहा है और इसका सीधा प्रभाव कृषि तथा खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते वैज्ञानिक उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में खाद्यान्न संकट जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
प्रदेश में बढ़ रहा मौसम निगरानी नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और 2000 ऑटोमेटिक रेनगेज स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ में आधुनिक डॉप्लर वेदर रडार लगाए जा रहे हैं, जो आंधी, तूफान, भारी वर्षा और ओलावृष्टि जैसी घटनाओं की निगरानी में मदद करेंगे।
उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के पास अपार संभावनाएं हैं। यदि इन्हें आधुनिक तकनीक और मौसम विज्ञान की सटीक जानकारी से जोड़ा जाए तो राज्य कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
