बांके बिहारी मंदिर में दशकों बाद खुलेगा बड़ा रहस्य! हाईपावर्ड कमेटी का फैसला, आलमारी-बक्सों की होगी जांच, 200 किलो सोने के झूले का भी होगा जीर्णोद्धार
वृंदावन: वृंदावन स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर से जुड़ा एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। मंदिर कॉरिडोर को लेकर गठित हाईपावर्ड कमेटी ने दशकों से बंद पड़े मंदिर परिसर में रखी अलमारी और बक्सों को खोलने का निर्णय लिया है। इन अलमारी-बक्सों को अब औपचारिक प्रक्रिया के तहत खोला जाएगा, जिससे लंबे समय से छिपे दस्तावेजों और सामग्री को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दशकों बाद खुलेंगे मंदिर के बंद बक्से

बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार मंदिर में वर्षों से रखी अलमारी और बक्सों को खोला जाएगा। यह प्रक्रिया हाईपावर्ड कमेटी की निगरानी में पूरी की जाएगी। माना जा रहा है कि इससे मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड सामने आ सकते हैं।
200 किलो सोने के झूले का होगा जीर्णोद्धार
कमेटी ने ठाकुरजी के 200 किलो स्वर्ण जड़ित झूले के जीर्णोद्धार का भी निर्णय लिया है। इसके तहत झूले की मरम्मत और संरक्षण कार्य कराया जाएगा ताकि इसकी संरचना और धार्मिक महत्व को सुरक्षित रखा जा सके।
मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े अहम फैसले
मंगलवार को हुई हाई पावर्ड टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी की 16वीं बैठक में मंदिर व्यवस्था, सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने की।
चार गोस्वामियों का चयन
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मंदिर प्रबंधन समिति में चार गोस्वामियों का चयन किया गया है, जिनमें एक पुराने गोस्वामी और तीन नए सदस्य शामिल हैं। ये सभी अब समिति की बैठकों में शामिल होंगे।
अतिक्रमण और ई-रिक्शा पर सख्ती
कमेटी ने मंदिर क्षेत्र में बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक को देखते हुए ई-रिक्शा संचालन पर नियंत्रण लगाने का फैसला किया है। एआरटीओ को निर्देश दिया गया है कि किराया निर्धारित कर उसे स्पष्ट रूप से वाहनों पर प्रदर्शित किया जाए।

इसके साथ ही मंदिर मार्ग और आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम हो सके।
मावा सप्लाई और गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
बैठक में मंदिर क्षेत्र में बिक रहे मावा की गुणवत्ता पर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं कि इसकी आपूर्ति कहां से हो रही है और गुणवत्ता मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
निधिवन मंदिर की सेवा व्यवस्था तय
बैठक में निधिवन मंदिर की सेवा व्यवस्था से जुड़े टेंडर पर भी निर्णय लिया गया। यह जिम्मेदारी पूर्व से कार्यरत सेवायत को ही दी गई है, जिन्होंने अकेले ही टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था।
सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं
पुरातत्व विभाग और आईआईटी रुड़की की टीम ने मंदिर संरचना को लेकर अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि मंदिर की सुरक्षा और संरचना को लेकर कोई गंभीर खतरा नहीं है।
अधिकारियों और गोस्वामियों की मौजूदगी में हुई बैठक
बैठक में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारी, नगर निगम प्रतिनिधि और मंदिर से जुड़े गोस्वामी मौजूद रहे। आने वाले दिनों में मंदिर व्यवस्था और विकास से जुड़े और भी निर्णय लिए जाने की संभावना है।
