फायर NOC पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन! वैधता खत्म होने से पहले भेजा जाएगा नोटिस, सभी डीएम को सख्त निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला स्तरीय महिला एवं पुरुष अस्पतालों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फायर एनओसी की वैधता खत्म होने से पहले जारी होगा नोटिस

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने वाली है, उन्हें समय रहते नोटिस जारी किया जाए। वहीं जिन संस्थानों के पास अब तक वैध फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाए।
उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मामले में किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सभी जिलाधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करने और अपने-अपने जिलों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों जैसे सार्वजनिक महत्व के संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में विभिन्न विकास और जनहित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर और ईवी चार्जिंग जैसी परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई।
समयसीमा में पूरे हों सभी विकास कार्य
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
इसके साथ ही पिछली समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
