ITR भरते समय भूलकर भी न छिपाएं बैंक अकाउंट, छोटी गलती पड़ सकती है भारी
नई दिल्ली: आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करते समय केवल आय और कर संबंधी जानकारी देना ही पर्याप्त नहीं है। करदाताओं को वित्तीय वर्ष के दौरान उपयोग में रहे अपने सभी सक्रिय बैंक खातों की जानकारी भी रिटर्न में दर्ज करनी होती है। यदि किसी सक्रिय बैंक खाते की जानकारी छूट जाती है, तो भविष्य में आयकर विभाग की ओर से नोटिस या अन्य प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
कई बार करदाता केवल उस बैंक खाते का विवरण देते हैं, जिसका वे सबसे अधिक उपयोग करते हैं, जबकि अन्य सक्रिय बचत या चालू खाते की जानकारी शामिल नहीं करते। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार ऐसा करना सही नहीं माना जाता।

सभी सक्रिय बैंक खातों का विवरण देना जरूरी
आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक वित्तीय वर्ष के दौरान यदि आपके नाम पर कोई बचत खाता, चालू खाता या ओवरड्राफ्ट खाता सक्रिय रहा है, तो उसकी जानकारी आईटीआर में देना अनिवार्य है। हालांकि, जो खाते लंबे समय से बंद हैं या निष्क्रिय हो चुके हैं, उनका विवरण देना आवश्यक नहीं है।
लगभग सभी आईटीआर फॉर्म पर लागू है नियम
सक्रिय बैंक खातों की जानकारी देने का नियम लगभग सभी आईटीआर फॉर्म पर लागू होता है। चाहे करदाता आईटीआर-1, आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-4, आईटीआर-5, आईटीआर-6 या आईटीआर-7 दाखिल कर रहा हो, बैंक खातों का विवरण भरना जरूरी है। आईटीआर-1 भरने वाले करदाताओं को यह जानकारी पार्ट-ई सेक्शन में दर्ज करनी होती है।

बैंक खाते के साथ ये जानकारी भी भरनी होगी
आईटीआर दाखिल करते समय प्रत्येक सक्रिय बैंक खाते का बैंक का नाम, खाता संख्या, आईएफएससी कोड और खाते का प्रकार दर्ज करना होता है। इसके अलावा कम से कम एक ऐसा बैंक खाता भी चुनना जरूरी है, जिसमें आयकर विभाग रिफंड की राशि भेज सके। इसलिए नियमित रूप से उपयोग किए जाने वाले खाते को रिफंड खाते के रूप में चुनना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
विदेशी बैंक खाते और विदेशी संपत्ति की जानकारी भी जरूरी
यदि कोई अनिवासी भारतीय भारत में बैंक खाता नहीं रखता है, तो वह टैक्स रिफंड के लिए अपने विदेशी बैंक खाते का विवरण भी दे सकता है। वहीं भारत में रहने वाले करदाताओं को यह भी बताना होगा कि क्या उनके पास विदेश में कोई संपत्ति है, किसी विदेशी बैंक खाते के संचालन का अधिकार है या उन्हें विदेश से कोई आय प्राप्त हुई है। ऐसी स्थिति में आईटीआर के साथ संबंधित विदेशी संपत्ति संबंधी अनुसूची भी भरनी होगी।
