उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति, डबल इंजन सरकार उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर अग्रसर
उपमुख्यमंत्री, श्री केशव प्रसाद मौर्य जी

लखनऊ, 17 जुलाई, 2026। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देना है। इसी उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को निवेश, तकनीक, वित्तीय सहायता और त्वरित अनुमोदन की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में गठित अप्रेजल समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राप्त 11 निवेश प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा के उपरांत 9 प्रस्तावों को निर्धारित शर्तों के साथ राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (SLEC) के समक्ष स्वीकृति हेतु संस्तुत किया गया।
लगभग ₹70 करोड़ के निवेश वाले इन प्रस्तावों में बरेली से दो, गोरखपुर से दो तथा कानपुर नगर, ललितपुर, बदायूँ, लखनऊ और हापुड़ से एक-एक परियोजना शामिल हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग योजना (PMFME) के अंतर्गत 99 प्रतिशत ऋण वितरण के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। यह उपलब्धि डबल इंजन सरकार की प्रभावी नीतियों, विभागीय प्रयासों तथा बैंकिंग संस्थाओं के समन्वय का परिणाम है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत लेटर ऑफ कम्फर्ट औसतन 20 दिनों में जारी किए जा रहे हैं, जबकि स्वीकृत इकाइयाँ अब औसतन 200 दिनों में क्रियाशील हो रही हैं। पूर्व में यही प्रक्रिया लगभग 500 दिन लेती थी, जिससे उद्योग स्थापना की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
