बहराइच की गौशाला बनी स्वच्छ ऊर्जा का मॉडल, मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बायोगैस प्लांट का किया निरीक्षण

बहराइच: मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बहराइच जिले के मिहींपुरवा विकासखंड स्थित अड़गोड़वा ग्राम पंचायत की गौशाला और बायोगैस इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला आधारित बायोगैस मॉडल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रभावी पहल बताया।

घरेलू ईंधन उपलब्ध कर ग्रामीणों को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि गौशाला से संचालित बायोगैस मॉडल के जरिए आसपास के परिवारों को घरेलू ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीण आत्मनिर्भर बन रहे हैं और नियमित रूप से बायोगैस प्लांट का लाभ उठा रहे हैं।
एलपीजी खर्च में हर साल हो रही हजारों रुपये की बचत
आगा खान फाउंडेशन के सहयोग से संचालित इस पहल के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष लगभग 8 हजार रुपये तक की एलपीजी लागत की बचत हो रही है। इससे न केवल घरेलू खर्च कम हुआ है, बल्कि स्वच्छ ईंधन के उपयोग को भी बढ़ावा मिला है।

गौशाला को आजीविका और स्वच्छ ऊर्जा का केंद्र बताया
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि यह मॉडल साबित करता है कि गौशाला केवल गौसंरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे स्वच्छ ऊर्जा, अतिरिक्त आय और ग्रामीण आजीविका से जोड़कर एक टिकाऊ और लाभकारी व्यवसाय मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने बायोगैस इकाई के संचालन और उससे ग्रामीणों को मिल रहे लाभ की जानकारी लेकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
