कैडराड आईवीआरआई ने NABL से मान्यता प्राप्त करके महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

बरेली, 24 जुलाई । भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के सेंटर फॉर एनिमल डिजीज रिसर्च एंड डायग्नोसिस (कैडराड ), बरेली ने अंतरराष्ट्रीय मानक ISO/IEC 17025:2017 के अनुसार राष्ट्रीय परीक्षण ,oa अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) से मान्यता प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यद्यपि प्रयोगशाला को प्रारंभ में जुलाई 2025 में तीन बीमारियों के लिए मान्यता मिली थी, नवीनतम कार्यक्षेत्र विस्तार, गुणवत्ता, तकनीकी उत्कृष्टता और विश्वसनीय पशु चिकित्सा नैदानिक सेवाओं के प्रति इसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विस्तारित मान्यता प्राप्त दायरे में निम्नलिखित रोगों का आणविक निदान (Molecular Diagnosis) शामिल है जिनमें बोवाइन हर्पीसवायरस-1 (BoHV-1), ब्रूसेला प्रजाति (Brucella spp.), ट्रिट्रिकोमोनास फीटस (Tritrichomonas foetus), मायकोबैक्टेरियम एवियम सबस्पीशीज पैराट्यूबरकुलोसिस (Johne’s की बीमारी), कैनाइन पार्वोवायरस, कैनाइन एडिनोवायरस-1, लम्पी स्किन डिजीज वायरस (LSDV), अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस (ASFV), रेबीज वायरस (डायरेक्ट फ्लोरोसेंट एंटीबॉडी [DFA] और रियल-टाइम RT-PCR दोनों विधियों द्वारा शामिल gSaA ये मान्यता प्राप्त परीक्षण विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) के ‘टेरेस्ट्रियल मैनुअल’ प्रोटोकॉल और प्रयोगशाला के SOPs पर आधारित हैं, जो सटीकता, विश्वसनीयता और गुणवत्ता आश्वासन के उच्च मानकों को सुनिश्चित करते हैं। यह विस्तारित मान्यता पशु रोग निगरानी, प्रकोप जांच और रोग नियंत्रण कार्यक्रमों का समर्थन करने वाली एक राष्ट्रीय संदर्भ प्रयोगशाला के रूप में कैडराड की भूमिका को और मजबूत करती है।

इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक एवं संस्थान के निदेशक डॉ राघवेन्द्र भट्टा ने कैडराड की टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी और संयुक्त निदेशक डॉ. सोहिनी ns के साथ-साथ उनके वैज्ञानिकों, तकनीकी rFkk leLRk कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की जिन्होंने प्रयोगशाला दक्षता के अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखा। उन्होंने उल्लेख किया कि यह विस्तारित मान्यता पशुओं और पालतू जानवरों की बीमारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत, गुणवत्ता-आश्वासन युक्त नैदानिक सेवाओं के माध्यम से पशु चिकित्सकों, पशुपालकों, शोधकर्ताओं और नियामक एजेंसियों के बीच विश्वास को बढ़ाएगी। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
