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AI और सोशल मीडिया के दौर में शिक्षकों की बढ़ी जिम्मेदारी, छात्रों को दुष्प्रचार से बचाना होगा: सीएम योगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बदलते समय में शिक्षकों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें सच और झूठ में अंतर समझाने, सोशल मीडिया पर फैलने वाले दुष्प्रचार की पहचान कराने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करना भी सिखाना होगा। उनका कहना था कि सोशल मीडिया और एआई आज की आवश्यकता हैं, लेकिन इनका उपयोग समाज और राष्ट्रहित में होना चाहिए।

मुख्यमंत्री रविवार को आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में आयोजित ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक के बीच शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा भेंट कर किया गया।

10 लाख लोगों को मिलेगा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत राजकीय, सहायता प्राप्त, स्ववित्तपोषित विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी शामिल किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे लगभग दस लाख लोग लाभान्वित होंगे।

पीएनबी के साथ समझौते से मिलेगा अतिरिक्त सुरक्षा कवच

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक के साथ हुए समझौते के तहत दुर्घटना या स्थायी दिव्यांगता जैसी स्थिति में संबंधित शिक्षक के परिवार को डेढ़ करोड़ से तीन करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा 60 हजार रुपये तक की अस्पताल सहायता और 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में शिक्षकों और उनके परिवारों को सुरक्षा प्रदान करना है।

निजी शिक्षकों को भी योजना से जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाब नेशनल बैंक से स्ववित्तपोषित और निजी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को भी इस व्यवस्था के दायरे में लाने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक इस व्यवस्था में शिक्षणेत्तर कर्मचारी शामिल नहीं थे, लेकिन अब करीब 50 हजार कर्मचारियों को भी इससे जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

शिक्षक केवल पढ़ाने वाले नहीं, भविष्य गढ़ने वाले हैं

मुख्यमंत्री ने भारतीय परंपरा में गुरु के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानने और उन्हें सही दिशा देने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सकारात्मक बदलाव तभी आएगा, जब शिक्षक और विद्यार्थी के बीच शुरुआत से ही सार्थक संवाद स्थापित होगा।

पुस्तकालय संस्कृति और अध्ययन की आदत पर दिया जोर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले विद्यार्थियों को नियमित समाचार पत्र पढ़ने और संदर्भ पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया जाता था। उन्होंने चिंता जताई कि आज पुस्तकालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि व्यापक अध्ययन से ही सही और गलत जानकारी के बीच अंतर समझने की क्षमता विकसित होती है।

पहली कक्षा को बनाएं प्रेरणादायक

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि नए शैक्षणिक सत्र की पहली कक्षा को रोचक और प्रेरणादायक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि पढ़ाई के दौरान प्रेरक प्रसंग और जीवन से जुड़े उदाहरण शामिल किए जाएं तो विद्यार्थियों की विषय में रुचि स्वतः बढ़ती है।

सोशल मीडिया पर हर जानकारी सही नहीं होती

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा स्मार्टफोन और डिजिटल माध्यमों से जानकारी प्राप्त करते हैं, लेकिन इंटरनेट पर उपलब्ध हर जानकारी सही या प्रमाणिक नहीं होती। उन्होंने कहा कि पहले समाचार पत्रों और पारंपरिक मीडिया की स्पष्ट जवाबदेही होती थी, जबकि सोशल मीडिया पर फर्जी खातों और गुमनाम मंचों के जरिए भ्रम और विद्वेष फैलाने की कोशिशें की जाती हैं।

आत्म-अनुशासन और जागरूकता की जरूरत

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ आत्म-अनुशासन का महत्व भी समझाना होगा। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे सकारात्मक सामग्री तैयार करें, प्रेरक विचार साझा करें और विद्यार्थियों को भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने के लिए जागरूक करें।

एआई और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर दिया बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीस के सहयोग से इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स और थ्री-डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भी एआई प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि तकनीक का उपयोग शिक्षा, समाज और राष्ट्रहित में किया जा सके।

देशविरोधी दुष्प्रचार के खिलाफ शिक्षण संस्थानों की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आधुनिक तकनीकों और सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम, विद्वेष या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश होती है, तो शिक्षण संस्थानों को उसके खिलाफ मजबूती से खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक बनाना और उन्हें तथ्यपरक जानकारी के प्रति सजग करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

 

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