भारत में पहली बार! UPMRC ने शुरू किए इंटरनेशनल ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्स, मेट्रो सेक्टर के लिए तैयार होंगे ग्लोबल प्रोफेशनल्स

लखनऊ: उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने शहरी परिवहन क्षेत्र में कौशल विकास को नई दिशा देते हुए एक बड़ी पहल की है। यूपीएमआरसी भारत का पहला मेट्रो संगठन बन गया है जिसने अपने प्रशिक्षण संस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड ट्रेनिंग (सीओईटी) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू किए हैं। इन पाठ्यक्रमों का शुभारंभ यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने किया। यह पहल भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य देश और विदेश के शिक्षार्थियों के लिए मेट्रो क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण को सुलभ बनाना है।

स्किल इंडिया मिशन को मिलेगा नया बल
यूपीएमआरसी के अनुसार इन ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रमों के जरिए तेजी से बढ़ते मेट्रो उद्योग के लिए कुशल और प्रमाणित मानव संसाधन तैयार किए जाएंगे। भारत के साथ-साथ विदेशों में भी मेट्रो रेल नेटवर्क के तेजी से विस्तार को देखते हुए प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह पहल मेट्रो क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क
यूपीएमआरसी ने बताया कि वर्तमान में भारत के 26 शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं और कुल परिचालन नेटवर्क 1,095 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। इसके साथ ही भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परिचालित मेट्रो नेटवर्क बन गया है। देश के कई शहरों में नई मेट्रो परियोजनाओं पर काम जारी है और आने वाले वर्षों में अनेक नई परियोजनाएं शुरू होने वाली हैं।
विदेशों में भी बढ़ रही है प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग
भारत के अलावा खाड़ी देशों और अन्य देशों में भी मेट्रो रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर कार्यरत हैं। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यूपीएमआरसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, ताकि प्रशिक्षित और प्रमाणित मानव संसाधन तैयार किए जा सकें।
एक दर्जन से अधिक विशेष पाठ्यक्रम हुए शुरू

यूपीएमआरसी ने एक दर्जन से अधिक विशेषीकृत ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग, ट्रैक अनुरक्षण और ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। भविष्य में मेट्रो योजना, निर्माण, संचालन, अनुरक्षण, सुरक्षा और अन्य विशेषज्ञ क्षेत्रों से जुड़े नए पाठ्यक्रम भी चरणबद्ध तरीके से जोड़े जाएंगे।
इंजीनियरों से लेकर विद्यार्थियों तक सभी कर सकेंगे नामांकन
ये पाठ्यक्रम इंजीनियरों, मेट्रो क्षेत्र के पेशेवरों, सलाहकारों, ठेकेदारों के कर्मचारियों, विद्यार्थियों और इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले सभी शिक्षार्थियों के लिए तैयार किए गए हैं। भारतीय और विदेशी दोनों प्रतिभागी इनमें नामांकन कर सकते हैं।
भारतीय नागरिकों के लिए प्रति पाठ्यक्रम शुल्क ₹200 निर्धारित किया गया है, जबकि विदेशी नागरिकों के लिए शुल्क 100 अमेरिकी डॉलर रखा गया है।
एमडी बोले- वैश्विक स्तर पर साझा होगी तकनीकी विशेषज्ञता
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि भारत और दुनिया के कई देशों में मेट्रो क्षेत्र अभूतपूर्व गति से विकसित हो रहा है। ऐसे में विशेष ज्ञान और व्यावहारिक समझ रखने वाले कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रमों के माध्यम से यूपीएमआरसी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता भारत और विदेशों के शिक्षार्थियों तक पहुंचा रहा है। उनका विश्वास है कि यह पहल मेट्रो उद्योग के भविष्य के लिए प्रमाणित पेशेवरों का मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
