राम मंदिर को मिलेगा पहला CEO! 5200 से ज्यादा आवेदन, स्क्रीनिंग तेज; ट्रस्ट ने बैंकिंग विवाद भी सुलझाया
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इस पद के लिए 5200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग और सूची तैयार करने का काम जारी है। इसी बीच ट्रस्ट ने बैंक खातों के संचालन से जुड़े गतिरोध को भी समाप्त करते हुए परियोजना प्रबंधक इंजीनियर जगदीश आफले को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाए जाने का नया प्रस्ताव भारतीय स्टेट बैंक को भेज दिया है, जिसके बाद खातों का संचालन फिर से शुरू हो गया है।
5200 से अधिक आवेदनों की हो रही जांच

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति के लिए 5200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों की स्क्रीनिंग और लिस्टिंग का कार्य सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में गठित समिति कर रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया विस्तृत है और इसमें समय लगेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने पहले सचिव का नया पद भी सृजित करने का निर्णय लिया था।
जगदीश आफले बने अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, बैंक खातों का संचालन शुरू
ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण के परियोजना प्रबंधक इंजीनियर जगदीश आफले को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाए जाने संबंधी नया प्रस्ताव पारित कर भारतीय स्टेट बैंक को भेजा। बैंक की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद ट्रस्ट के खातों का संचालन दोबारा शुरू हो गया है।
खाता संचालन को लेकर क्यों पैदा हुआ था गतिरोध?
6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में बदलाव का निर्णय लिया गया था। इसके तहत अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और पूर्व अभियंता जगदीश आफले के नाम बैंक को भेजे गए थे।
हालांकि, ट्रस्ट डीड के प्रावधानों का हवाला देते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने जगदीश आफले के ट्रस्टी नहीं होने का मुद्दा उठाया और कानूनी राय मांगी। इसके चलते खातों के संचालन में अस्थायी रुकावट आ गई। बाद में ट्रस्ट ने नया प्रस्ताव पारित कर बैंक को भेजा, जिसमें जगदीश आफले के नाम पर सहमति दर्ज की गई। इसके बाद बैंक ने खातों का संचालन शुरू कर दिया।

दर्शन पास व्यवस्था में भी होगा बदलाव
अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के अनुसार, दर्शन पास व्यवस्था को लेकर सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए ट्रस्ट काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर आने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में पास व्यवस्था के प्रभारी सोमेश आनंद से यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। अब उन्हें बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल उनके स्थान पर किसी नई नियुक्ति के बजाय मौजूदा कार्यकर्ताओं की टीम व्यवस्था संभाल रही है।
वेतन और भुगतान पर भी पड़ा था असर
खाता संचालन में आई रुकावट का असर ट्रस्ट के वित्तीय कामकाज पर भी पड़ा। करीब 1000 कर्मचारियों के जून महीने के वेतन का भुगतान समय पर नहीं हो सका। इसके अलावा ट्रस्ट से जुड़ी विभिन्न आउटसोर्सिंग एजेंसियों के भुगतान भी प्रभावित हुए। इस दौरान केवल आवश्यक अधिष्ठापन संबंधी भुगतान ही किए जा सके, जबकि अन्य बिलों पर हस्ताक्षर लंबित रहे।
इस बीच भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दिपेश राज ने स्पष्ट किया था कि बैंक और ट्रस्ट के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं है।

