कृमि मुक्त होगा बचपन, स्वस्थ बनेगा भविष्य: गोंडा में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का डीएम ने किया शुभारंभ

गोण्डा: राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) के सभागार में सोमवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने छात्राओं को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से सीधा संवाद भी किया और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

‘स्वस्थ बचपन–उज्ज्वल भविष्य’ की थीम पर हुआ आयोजन
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन “स्वस्थ बचपन–उज्ज्वल भविष्य” और “छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ” की थीम के साथ किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने छात्र-छात्राओं को कृमि संक्रमण से होने वाले दुष्प्रभावों, इससे बचाव के उपायों और नियमित स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को पेट के कीड़ों से मुक्त कर स्वस्थ, सशक्त और बेहतर भविष्य की ओर ले जाने के लिए विद्यालय, अभिभावक और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर लगातार प्रयास करना जरूरी है। इस दौरान “पेट के कीड़ों से छुटकारा, सेहतमंद, सशक्त एवं भविष्य हमारा” के संकल्प को साकार करने पर जोर दिया गया।
छात्र-छात्राओं को वितरित की गई एल्बेंडाजोल की दवा
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं को मंच पर एल्बेंडाजोल की टैबलेट वितरित की गई। बच्चों को नियमित रूप से हाथ साफ रखने, स्वच्छ पानी पीने, नाखूनों की सफाई रखने तथा व्यक्तिगत और आसपास की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
18.45 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जनपद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत 5,181 विद्यालयों और 3,095 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुल 18,45,736 बच्चों को एल्बेंडाजोल यानी डिवर्मिंग की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का उद्देश्य बच्चों में कृमि संक्रमण को नियंत्रित करने के साथ उनके शारीरिक विकास, पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अभियान में सक्रिय सहयोग करने और बच्चों को निर्धारित डिवर्मिंग दवा अवश्य दिलाने की अपील की है, ताकि जनपद का हर बच्चा कृमि मुक्त, स्वस्थ और सशक्त बन सके।
छात्राओं ने बताईं विद्यालय की समस्याएं, डीएम ने दिए तत्काल निर्देश
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने विद्यालय की छात्राओं से सीधे संवाद कर वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। छात्राओं ने बताया कि विद्यालय के बाथरूम में साफ-सफाई की आवश्यकता है। इसके अलावा शैक्षणिक कक्षों में लगे कुछ पंखे भी ठीक से नहीं चल रहे हैं और उनकी मरम्मत की जरूरत है।
छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही जिला विद्यालय निरीक्षक और विद्यालय के प्रधानाचार्य को दोनों बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त कराई जाएं, ताकि विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी.के. वर्मा, डॉ. आदित्य वर्मा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, डीपीएम अमरनाथ, डीसीपीएम डॉ. आर.पी. सिंह, डीईआईसी एवं आरकेएसके से संबंधित अधिकारी रंजीत राठौर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
