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रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में भारतीय अंतरिक्ष सप्ताह के अंतर्गत ड्रॉइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन

बरेली,17 अगस्त। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली में भारतीय अंतरिक्ष सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 12 अगस्त से 18 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है। इसी क्रम में आज विद्यार्थियों के लिए ड्रॉइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को “ड्रोन प्रौद्योगिकी एवं विकसित भारत”, “स्वतंत्रता दिवस और भारत की वैज्ञानिक-तकनीकी प्रगति” तथा “अंतरिक्ष एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी” जैसे विषयों पर चित्र एवं पेंटिंग बनाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने विशेष रूप से ड्रोन के चित्रों को स्वतंत्रता दिवस की भावना तथा देश की वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपलब्धियों से जोड़ते हुए अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों, रेखाओं एवं कल्पनाशीलता के माध्यम से भारत की वैज्ञानिक प्रगति, आधुनिक तकनीक, ड्रोन के बढ़ते उपयोग तथा स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय उत्सव को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। अनेक विद्यार्थियों ने अपने चित्रों में तिरंगे, अंतरिक्ष यान, ड्रोन, उपग्रह तथा विकसित भारत की परिकल्पना को सम्मिलित करते हुए विज्ञान, तकनीक और राष्ट्रप्रेम का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक अभिव्यक्ति, तकनीकी जागरूकता एवं नवाचार की भावना विकसित करना तथा उन्हें भारत की अंतरिक्ष एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रही प्रगति से परिचित कराना रहा। इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में राष्ट्र के वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास के प्रति गौरव तथा जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी प्रतियोगिता का महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. के. पी. सिंह ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष सप्ताह विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयामों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक कृषि, आपदा प्रबंधन, सर्वेक्षण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, संचार तथा अन्य अनेक क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध हो रही है। विद्यार्थियों को ऐसी तकनीकों के प्रति जागरूक करने से उनमें नवाचार और अनुसंधान की नई संभावनाएं विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपलब्धियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक मजबूत करता है।
सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पांडेय ने कहा कि ड्रॉइंग एवं पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता और मौलिक विचारों को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। भारतीय अंतरिक्ष सप्ताह के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान, ड्रोन तकनीक, अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो रही है। स्वतंत्रता दिवस की भावना के साथ इन विषयों को जोड़ने से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलता है कि स्वतंत्र भारत की प्रगति में विज्ञान एवं तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और भविष्य में युवा पीढ़ी को इसमें महत्वपूर्ण योगदान देना है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कुलसचिव श्री महेंद्र सिंह, सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पांडेय, डॉ. रीना पंत सहित अन्य शिक्षकों , सहयोगियों , और कल्चरल क्लब का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रतियोगिता में आर्यन शर्मा, अनुष्का , आदित्य , प्रियांशी, अर्पित , कृतिका, तनिष्क, साक्षी, आरव, नंदिनी, हर्षित, खुशी , रिया, आयुष, पलक, शिवांश, अंजलि, वैष्णवी, भवलीन, अभिषेक तथा श्रुति सहित अनेक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
भारतीय अंतरिक्ष सप्ताह के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, रचनात्मकता, तकनीकी जिज्ञासा, राष्ट्रप्रेम तथा अनुसंधान एवं नवाचार की भावना को प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया कि भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति में युवा प्रतिभाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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