‘सावन मनभावन’ में दिखी लोक संस्कृति की रंगत, 1980 के दशक की थीम ने ताजा की पुरानी यादें

गोण्डा: दीप सामाजिक संस्थान के तत्वावधान में रविवार को डॉ. संपूर्णानंद प्रेक्षागृह टाउनहॉल में ‘सावन मनभावन’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सावन की रिमझिम फुहारों, लोक संस्कृति और संगीत के रंग से सजे इस कार्यक्रम में 1980 के दशक की थीम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। गीत, संगीत, नृत्य और मनोरंजक खेलों ने दर्शकों को बीते दौर की यादों से जोड़ दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त की मां और उनकी बेटियों दिगारा तथा दानिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद कलाकारों ने नृत्य और गीतों के माध्यम से सावन की छटा और भारतीय संस्कृति के विभिन्न रंग प्रस्तुत किए। पारंपरिक भाव-भंगिमाओं से सजी नृत्य प्रस्तुतियों और मधुर गीतों से प्रेक्षागृह में सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बना रहा।
1980 के दशक के गीतों ने बांधा समां
कार्यक्रम में विशेष रूप से 1980 के दशक को केंद्र में रखते हुए गीत-संगीत की प्रस्तुतियां दी गईं। उस दौर के लोकप्रिय गीतों को कलाकारों ने अपनी आवाज और आकर्षक प्रस्तुति के साथ पेश किया। कार्यक्रम स्थल की सजावट भी इसी थीम के अनुरूप की गई थी, जिससे लोगों को पुराने दौर की स्मृतियों का अहसास हुआ।
रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ विभिन्न मनोरंजक खेलों का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों और दर्शकों ने उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया। सावन के पारंपरिक उल्लास, संगीत और नृत्य के मेल ने आयोजन को खास बना दिया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को किया गया सम्मानित
प्रतियोगिताओं में रश्मि श्रीवास्तव ने प्रथम तीज क्वीन का खिताब जीता, जबकि पूजा बिसारिया को द्वितीय तीज क्वीन चुना गया। शाम की सर्वश्रेष्ठ नृत्य प्रस्तुति का पुरस्कार तान्या वर्धन मल्होत्रा को दिया गया।

सर्वश्रेष्ठ सहयोगी महिला का पुरस्कार शेफाली पांडेय और शिवानी शुक्ला को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ नृत्य युगल का पुरस्कार स्वाति मिश्रा और स्वाति यादव की जोड़ी ने हासिल किया।
सर्वश्रेष्ठ सहयोगी पुरुष के पुरस्कार से सुनील सोनी, कपिश्वर अग्रवाल और मनीष श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देने वाले अन्य प्रतिभागियों का भी उत्साहवर्धन किया गया।
भारतीय संस्कृति और आपसी सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास
कार्यक्रम में शहर की चिकित्सक डॉ. अनीता मिश्रा, डॉ. अंजू अग्रवाल, डॉ. गौरी मलिक और डॉ. उषा अग्रवाल की उपस्थिति रही।
दीप सामाजिक संस्थान की अध्यक्ष उर्मिला पांडेय ने कहा कि संस्थान सामाजिक सरोकारों के साथ भारतीय संस्कृति, कला और आपसी सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसी उद्देश्य से ‘सावन मनभावन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले अतिथियों, कलाकारों, प्रतिभागियों और अन्य सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया। सावन की सांस्कृतिक छटा, गीत-संगीत और 1980 के दशक की यादों से सजा यह आयोजन लोगों के लिए यादगार रहा।
