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सड़क हादसों में घायलों को समय पर मिले बेहतर इलाज, पीएम कैशलेस इलाज योजना की समीक्षा

गोण्डा, 13 अगस्त 2026। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित और कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के लिए संचालित पीएम कैशलेस इलाज योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गोण्डा आरटीओ कार्यालय के सभागार में योजना से जुड़े अस्पतालों के नोडल अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में दुर्घटना के बाद घायल को अस्पताल पहुंचाने से लेकर पहचान, प्रारंभिक उपचार, स्थिरीकरण और योजना के तहत उपचार उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर चर्चा की गई।

बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट ने शिकायत निवारण अधिकारी के रूप में प्रतिभाग किया। पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी एवं सीओ ट्रैफिक, चिकित्सा विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. जीएम चिश्ती, ई-डीएआर नोडल अधिकारी फैजल फत्ताह, ईडीएम गोण्डा, एआरटीओ तथा योजना में शामिल सभी अस्पतालों के 11 नोडल अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बैठक में दुर्घटना पीड़ितों की पहचान तैयार करने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा घायल की पहचान संबंधी प्रक्रिया समय से पूरी किया जाना आवश्यक है, जिससे अस्पताल में उपचार के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। अस्पताल पहुंचने के बाद प्रारंभिक उपचार और स्थिरीकरण की व्यवस्था के साथ योजना के तहत आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

अधिकारियों ने योजना के तहत टीएमएस से पीएफएमएस तक उपचार और भुगतान से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान संबंधित विभागों और अस्पतालों के अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर चर्चा करते हुए बेहतर आपसी समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो।

योजना में शामिल सभी अस्पतालों के नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन संवेदनशीलता, तत्परता और समयबद्धता के साथ करें। अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए उपचार की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में संबंधित विभागों के बीच समन्वय मजबूत कर दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने और उन्हें शीघ्र बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए त्वरित कार्रवाई, आपसी समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया।

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