रांची में 60 साल पुरानी बस्ती पर चला बुलडोजर, विरोध में पथराव-लाठीचार्ज; पुलिसकर्मियों समेत कई घायल
रांची: सेटेलाइट चौक के पास एचईसी की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को बुधवार को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और रास्ता जाम कर दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने का आरोप है, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। घटना में प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है।
पुलिस ने मौके से आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही। हिरासत में लिए गए लोगों को शाम में पीआर बांड पर छोड़ दिया गया।

जेसीबी के सामने बैठकर लोगों ने किया विरोध
अतिक्रमण हटाने के लिए सुबह से ही इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारी लोगों से कार्रवाई में सहयोग करने की अपील कर रहे थे। इसी दौरान कई लोग जेसीबी के सामने बैठ गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। कुछ प्रदर्शनकारी जेसीबी पर भी चढ़ गए।
पुलिस ने उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इसके बाद भीड़ की ओर से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया गया। पथराव के दौरान कुछ महिला पुलिसकर्मी भी गिर गईं। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को वहां से हटाया।
स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध जारी रखने की बात कही। उन्होंने एचईसी की जमीन पर बनी बस्तियों के पुनर्वास की मांग भी उठाई। लोगों का कहना है कि पर्व-त्योहार से पहले उन्हें वैकल्पिक जगह पर बसाया जाए।
डीएसपी बोले- टीम पर हमला हुआ, कई पुलिसकर्मी घायल
हटिया के डीएसपी नीरज कुमार ने बताया कि प्रशासन की टीम शांतिपूर्ण तरीके से अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। उनके मुताबिक, कार्रवाई के दौरान टीम पर हमला किया गया और भीड़ की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया। इसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
डीएसपी ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। मामले में आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
लोगों का आरोप- पहले कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई थी
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विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से पहले बस्ती नहीं तोड़े जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में दोबारा जेसीबी लाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके बाद लोगों ने सभी जेसीबी को घेर लिया और कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, मशीनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
बस्तीवासियों का कहना है कि वे कई वर्षों से यहां रह रहे हैं और प्रशासन को घर हटाने से पहले स्थायी या वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी चाहिए।
60 साल से रह रहे हैं बस्तीवासी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस बस्ती में परिवार करीब 60 साल से रह रहे हैं। उनका कहना है कि अचानक घर तोड़े जाने से उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की।
लोगों ने कहा कि बस्ती में छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी रहते हैं। घर टूटने के बाद वे कहां जाएंगे, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पर्व-त्योहार नजदीक हैं और ऐसे समय में घर छिन जाने के बाद परिवारों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी।
प्रशासन बोला- जमीन एचईसी की, आदेश के तहत हो रही कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को देखते हुए इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि जिला प्रशासन के आदेश के तहत एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, एचईसी की जमीन पर जो भी निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में आता है, उसे आदेश के अनुसार हटाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि जमीन एचईसी की है और अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन को आदेश मिला है। इसी के तहत कार्रवाई की जा रही है।

