Top Newsउत्तर प्रदेशराज्य

बीबीएयू में ‘युवा संवाद’ का आयोजन, युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए किया प्रेरित

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में 18 सितंबर को हिंदी प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित ‘सप्त दिवसीय हिंदी कार्यशाला’ के अंतर्गत ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सहायक निदेशक, राजभाषा, बीबीएयू डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।

युवाओं की क्षमताओं का सही उपयोग करने पर दिया जोर

डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं में अपार क्षमता और प्रतिभा मौजूद है। यदि वे अपनी क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग करें तो जीवन में बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक क्षेत्र हो या कोई अन्य क्षेत्र, भारत के युवा आज वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।

नवाचार और उद्यमिता से आगे बढ़ने का आह्वान

मुख्य वक्ता ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से युवा लगातार प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में युवाओं ने स्टार्टअप की स्थापना कर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करने वाला बनना चाहिए। साथ ही शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील

-------------------------------------------------------------------------------------------

डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि देश के भविष्य की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है। ऐसे में युवाओं को अपने समय और सामर्थ्य का सदुपयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने पूछे सवाल

कार्यक्रम के दौरान युवाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए संवादात्मक सत्र का आयोजन भी किया गया। इसमें विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने मुख्य वक्ता से विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल पूछे। डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति सजग रहने, लगातार सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में डॉ. प्रीति राय, डॉ. संध्या दीक्षित सहित अन्य शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।

 

---------------------------------------------------------------------------------------------------