गोण्डा में खुरपका-मुंहपका रोग के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू! डीएम प्रियंका निरंजन ने निःशुल्क टीकाकरण वाहन को दिखाई हरी झंडी

गोण्डा: जनपद में पशुधन को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए निःशुल्क टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी गई है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर से पशुपालन विभाग के विशेष टीकाकरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर गोवंश और भैंसवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पशुधन की अहम भूमिका
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि पशुधन किसानों और पशुपालकों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। पशुओं को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखना न केवल उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए आवश्यक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी इसकी बड़ी भूमिका है।
उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विशेष टीकाकरण वाहन जनपद के प्रत्येक गांव तक पहुंचेगा और पात्र पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण सुनिश्चित करेगा।
खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण जरूरी
जिलाधिकारी ने कहा कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक रोग है, जिसका पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस बीमारी की प्रभावी रोकथाम समय पर टीकाकरण के माध्यम से संभव है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने सभी पात्र पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं।
शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अभियान को गंभीरता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक गांव तक पहुंचकर शत-प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य प्राप्त किया जाए और पशुपालकों को टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक भी किया जाए।
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उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और प्रत्येक पशुपालक तक विभागीय सेवाएं समयबद्ध तरीके से पहुंचाई जाएं।
गांव-गांव पहुंचेंगी पशु चिकित्सकों की टीमें
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत जनपद के पात्र गोवंश और भैंसवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए पशु चिकित्सकों और पैरावेट कर्मचारियों की टीमें गठित की गई हैं, जो टीकाकरण वाहन के माध्यम से गांवों में पहुंचकर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य करेंगी।
इसके साथ ही पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण, रोगों की पहचान, स्वच्छता और वैज्ञानिक पशुपालन से जुड़ी आवश्यक जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
पशुपालकों से सहयोग की अपील
कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी, पशुपालन विभाग के चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अभियान में सक्रिय सहयोग करें और समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण कराकर उन्हें खुरपका-मुंहपका जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखें।

