Thursday, June 25, 2026
Latest:
Top Newsदेश

ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर का भारत दौरा: विजन 2035 की समीक्षा और FTA लागू करने पर फोकस, रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई दिशा

नई दिल्ली: ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंच गई हैं। इस दौरे को भारत और ब्रिटेन के बीच तेजी से मजबूत हो रहे रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

पीएम मोदी और एस. जयशंकर से होगी अहम मुलाकात

यवेट कूपर अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी। इन बैठकों में वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों, आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, तकनीकी विकास और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

विजन 2035 की प्रगति की होगी समीक्षा

ब्रिटिश उच्चायोग के अनुसार इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य भारत-ब्रिटेन विजन 2035 की प्रगति की समीक्षा करना और आगामी वर्षों के लिए नई प्राथमिकताएं तय करना है। इस रणनीति के तहत आर्थिक विकास, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

FTA को जल्द लागू करने पर मंथन

यात्रा के दौरान दोनों देश भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को तेजी से लागू करने पर भी चर्चा करेंगे। जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित इस समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। अनुमान है कि इसके लागू होने से द्विपक्षीय व्यापार में 25.5 अरब पाउंड तक की वृद्धि हो सकती है, जबकि दोनों अर्थव्यवस्थाओं को करीब 5 अरब पाउंड का अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है।

AI, हेल्थ और शिक्षा क्षेत्र पर विशेष फोकस

यवेट कूपर अपने दौरे के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थ टेक्नोलॉजी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों और विशेषज्ञों से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा वह ब्रिटिश काउंसिल के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी, जहां दोनों देशों के बीच शिक्षा और आर्थिक विकास से जुड़े सहयोग की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी।

रक्षा और सुरक्षा साझेदारी भी चर्चा में

भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग हाल के वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देशों ने 10 वर्षीय रक्षा औद्योगिक साझेदारी, आतंकवाद-रोधी सहयोग और संगठित अपराध से निपटने जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम किया है। इस दौरे से इन साझेदारियों को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

---------------------------------------------------------------------------------------------------