उत्तर प्रदेश

बीबीएयू में ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ का भव्य आयोजन, 8,500 पौधों के रोपण से हरित परिसर निर्माण की बड़ी पहल

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 12 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार, वन विभाग उत्तर प्रदेश, मिशन लाइफस्टाइल फॉर इनोवेशन और बीबीएयू के संयुक्त तत्वावधान में ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी मौजूद रहे। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में करीब 8,500 पौधों का रोपण किया गया।

कार्यक्रम में सरोजिनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, बीबीएयू कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल और लखनऊ के मंडल वन अधिकारी शितांशु पाण्डेय समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर की गई।

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति की मूल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि सरकार पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है, जो अब व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ और स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

वृक्षारोपण भविष्य की पीढ़ियों के लिए संकल्प: डॉ. राजेश्वर सिंह

सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल पौधे लगाने का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य से जुड़ा संकल्प है।

उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि हरित आवरण बढ़ाने और प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में जनभागीदारी बेहद जरूरी है।

बीबीएयू में हरित परिसर और जैव विविधता पर विशेष जोर

बीबीएयू कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अभियान में भाग लेने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का ग्रीन कैंपस और यहां की समृद्ध जैव विविधता इसकी विशेष पहचान है।

उन्होंने बताया कि बीबीएयू पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय में पीएचडी में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक शोधार्थी के लिए एक पौधा लगाना अनिवार्य किया गया है। शोध प्रबंध जमा करते समय उस पौधे के साथ जियो-टैग फोटो भी प्रस्तुत करनी होती है।

समरस वन में लगाए गए 8,500 पौधे

कार्यक्रम के दौरान बीबीएयू परिसर में स्थापित ‘समरस वन’ में अतिथियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साह के साथ पौधारोपण किया।

इस अवसर पर आम, नीम, मौसमी, अमरूद, जामुन और सहजन समेत विभिन्न फलदार और फूलदार प्रजातियों के करीब 8,500 पौधे लगाए गए। यह अभियान विश्वविद्यालय परिसर को हरित बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

पर्यावरण संरक्षण पर फोटो गैलरी का किया अवलोकन

केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित फोटो गैलरी का अवलोकन किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और वन विभाग की गतिविधियों से संबंधित तस्वीरों की सराहना की।

उन्होंने स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आम और सहजन के पौधों का वितरण भी किया।

प्रतियोगिता विजेताओं को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने अवध वन प्रभाग की ओर से प्रकाशित कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण किया। इसके अलावा विभिन्न विद्यालयों में आयोजित चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित और पुरस्कृत किया गया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने गणेश वंदना की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति भी दी। पौधारोपण अभियान को सफल बनाने में एनसीसी कैडेट्स और वनस्पति उद्यान के प्रभारी डॉ. रवि शंकर वर्मा ने सक्रिय सहयोग दिया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, गैर शिक्षण कर्मचारी, शोधार्थी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

 

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