Saturday, April 25, 2026
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NAAC द्वारा सर्वोच्च ‘ ए++’ ग्रेड से मान्यता प्राप्त करने वाला भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डीम्ड विश्वविद्यालयों में आईवीआरआई पहला संस्थान बना

बरेली, 02 दिसम्बर। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के प्रतिष्ठित संस्थान, भाकृअनुप- भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर, ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने संस्थान को उसके समग्र प्रदर्शन, शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान नवाचार और बुनियादी ढांचे के लिए सर्वोच्च ‘A++’ ग्रेड प्रदान किया है।
संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने इस उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा: राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद द्वारा A++ ग्रेड मिलना संस्थान के प्रत्येक सदस्य – वैज्ञानिकों, शिक्षकों, छात्रों और प्रशासनिक कर्मचारियों – की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। यह केवल एक ग्रेड नहीं है, बल्कि पशु चिकित्सा विज्ञान में वैश्विक मानकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि है। हम भारत सरकार और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के आभारी हैं जिन्होंने हमें लगातार समर्थन दिया। यह मील का पत्थर हमें देश की खाद्य सुरक्षा और पशुधन समृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए और अधिक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करेगा। हमारा लक्ष्य आईवीआरआई को पशु चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा में विश्व के शीर्ष संस्थानों में स्थापित करना है। A++ ग्रेड प्राप्त करने के बाद, आईवीआरआई स्थिरता बनाए रखने और निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। यह उपलब्धि न केवल आईवीआरआई के लिए, बल्कि पूरे भारतीय पशु चिकित्सा और कृषि समुदाय के लिए एक प्रेरणा है। संस्थान देश के पशुधन क्षेत्र को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए तैयार है।“
डॉ दत्त ने आगे बताया कि संस्थान ने 4 में से 3.58 का असाधारण स्कोर (CGPA) प्राप्त करके, देश के शीर्ष शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। आईवीआरआई ए++ ग्रेड से मान्यता प्राप्त करने वाला भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डीम्ड विश्वविद्यालयों में पहला संस्थान बन गया है। वर्ष 2018 से 2023 तक संस्थान के प्रदर्शन के गहन मूल्यांकन पर आधारित यह शीर्ष-स्तरीय ग्रेडिंग, पशु चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार में उत्कृष्टता के प्रति आईवीआरआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। दिनांक 2 से 4 जून, 2025 तक हुई एनएएसी की ऑन-साइट पीयर टीम ने संस्थान का भ्रमण कर सभी पहलुओं का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया।
इस उपलब्धि पर संस्थान के संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डॉ. एस.के. मेंदीरत्ता ने कहा कि इस असाधारण सफलता का श्रेय डॉ. त्रिवेणी दत्त के अनुकरणीय नेतृत्व, सावधानीपूर्वक समन्वय प्रयासों, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. मनीष महावर और एसोसिएट नोडल अधिकारी डॉ. मधु सीएल की समर्पित कड़ी मेहनत, और सभी समिति अध्यक्षों तथा सदस्यों के सामूहिक योगदान को जाता है। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि आईवीआरआई के 135 साल से अधिक के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है, जो देश में पशु स्वास्थ्य, पशुधन उत्पादन और जैव सुरक्षा के क्षेत्र में इसके अटल समर्पण और नेतृत्व को प्रमाणित करती है।
राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) मूल्यांकन एक कठोर और व्यापक प्रक्रिया है, जो उच्च शिक्षा संस्थानों को सात महत्वपूर्ण मानदंडों पर परखती है। आईसीएआर-आईवीआरआई ने इन सभी मानदंडों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जो संस्थान की बहुआयामी क्षमता को दर्शाता है:
पाठ्यक्रम के पहलू: संस्थान द्वारा चलाए जा रहे गुणवत्तापूर्ण स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों का मूल्यांकन।
शिक्षण-अधिगम और मूल्यांकन: अत्याधुनिक शिक्षण पद्धतियाँ और छात्रों के मूल्यांकन की निष्पक्ष प्रणाली।
अनुसंधान, नवाचार और विस्तार: पेटेंट, प्रकाशन, और समाज पर अनुसंधान के प्रभाव।
बुनियादी ढांचा और सीखने के संसाधन: उन्नत प्रयोगशालाएँ, समृद्ध पुस्तकालय, और आधुनिक पशु प्रक्षेत्र।
छात्र सहायता और प्रगति: छात्रों को प्रदान की गई फेलोशिप, प्लेसमेंट और परामर्श सेवाएँ।
शासन, नेतृत्व और प्रबंधन: पारदर्शी और प्रभावी प्रशासनिक ढांचा और वित्तीय प्रबंधन।
संस्थागत मूल्य और सर्वोत्तम अभ्यास: पर्यावरणीय चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक आचरण।
आईसीएआर-आईवीआरआई की स्थापना 1889 में हुई थी, और यह तब से लेकर अब तक भारत की पशुधन अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है। ‘A++’ ग्रेड इस बात का प्रमाण है कि संस्थान न केवल अपने इतिहास को संजोता है, बल्कि भविष्य के लिए भी नवाचार कर रहा है। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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