कल से शुरू होगा “मंगल महोत्सव-2026”, भक्ति, संस्कार और स्वच्छता के संदेश के साथ शहरभर में सजेंगे भंडारे

लखनऊ में आस्था और सेवा के महापर्व की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ज्येष्ठ माह के प्रथम मंगलवार से “मंगल महोत्सव-2026” का विधिवत शुभारंभ होने जा रहा है। इस महोत्सव के तहत शहर के विभिन्न प्रमुख बाजारों में भक्ति, सेवा और सामाजिक समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा, जहां बड़ी संख्या में भंडारों का आयोजन किया जाएगा और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

“भक्ति से संस्कार और स्वच्छता से सुव्यवस्था” रहेगा मुख्य संदेश
महोत्सव का आयोजन मंगलमान अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2019 में पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया द्वारा की गई थी। इस वर्ष आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘भक्ति से संस्कार और स्वच्छता से सुव्यवस्था’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। विशेष रूप से हरित और स्वच्छ भंडारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि धार्मिक आयोजनों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा सके।
प्रमुख बाजारों में हरित भंडारों की विशेष तैयारी
ज्येष्ठ माह के पहले बड़े मंगल के अवसर पर लखनऊ के कई प्रमुख बाजारों में व्यापारियों और श्रद्धालुओं द्वारा विशेष अभियान के तहत हरित भंडारों की व्यवस्था की जा रही है। इन भंडारों में बाहर से आने वाले विशिष्ट अतिथि भी शामिल होंगे, जो लखनऊ की अनोखी परंपरा ‘बड़ा मंगल’ का अनुभव करेंगे और प्रसाद ग्रहण करेंगे।
स्वच्छ और सुंदर भंडारा स्थलों को किया जाएगा सम्मानित
आयोजन से जुड़ी जानकारी देते हुए पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया ने बताया कि इस वर्ष सुंदर, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल भंडारा स्थलों का चयन कर आयोजकों को सम्मानित भी किया जाएगा। इससे आयोजकों को बेहतर व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
शाम को विशेष स्वच्छता अभियान, बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी

महोत्सव के दौरान शाम 5 बजे भंडारों के समापन के बाद प्रमुख बाजारों में विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। इस अभियान में एनसीसी, स्काउट, एनएसएस, आरएसएस के पर्यावरण गतिविधि से जुड़े स्वयंसेवक, व्यापारी और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य मिलकर भाग लेंगे और साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे।
भंडारा संचालकों से जुड़ने और पंजीकरण कराने की अपील
पूर्व महापौर ने भंडारा संचालकों से मंगलमान अभियान से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने बताया कि पहले बड़े मंगल के लिए बड़ी संख्या में संचालकों ने पंजीकरण करा लिया है, जिनके भंडारा स्थलों पर प्रशासन और अभियान की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। जो संचालक अभी तक पंजीकरण नहीं कर पाए हैं, वे तत्काल पंजीकरण कर सकते हैं या फोन के माध्यम से सूचना दे सकते हैं।
हरित बड़ा मंगल मनाने की अपील, प्लास्टिक से दूरी बनाने पर जोर
शहरवासियों और व्यापारियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि ‘बड़ा मंगल’ केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। इस बार इसे ‘हरित बड़ा मंगल’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भंडारों में थर्माकोल और प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह बंद किया जाए और इसके स्थान पर स्टील के बर्तन, पत्तल, दोने या मिट्टी के पात्रों का उपयोग किया जाए।
स्वच्छता को प्राथमिकता देने की अपील, कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान
उन्होंने भंडारा आयोजकों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि भंडारा स्थलों पर पर्याप्त संख्या में कचरा पात्र रखे जाएं और प्रसाद वितरण के बाद आसपास कहीं भी गंदगी न फैले। स्वच्छता को आयोजन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि शहर की सुंदरता और व्यवस्था बनी रहे।
