महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लखनऊ में संपन्न

लखनऊ/बरेली , 22मई।महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यगणों की एक महत्वपूर्ण बैठक कल जन भवन, लखनऊ में संपन्न हुईक्लब यह बैठक उत्तर प्रदेश की राज्यपाल महामहिम श्रीमती आनंदीबेन पटेल के द्वारा आहूत की गई थी। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी समय में NAAC मूल्यांकन हेतु सभी संबद्ध महाविद्यालयों को तैयार रहने एवं इसकी तैयारी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक के दौरान राज्यपाल महामहिम श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा, “NAAC मूल्यांकन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारे महाविद्यालयों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही का दर्पण है। सभी महाविद्यालय अपने-अपने कार्यों को बारीकी से निपटाएँ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दें।” उन्होंने विशेष रूप से महिला एवं बाल कल्याण के कार्यों पर बल देते हुए कहा कि महाविद्यालय विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से सीधे जुड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय जी भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल शैक्षणिक केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के केंद्र हैं। उन्होंने कहा, “आप सभी सामाजिक कार्यों से जुड़कर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य करें।”

बैठक के पश्चात प्राचार्यगणों ने जन भवन का भ्रमण किया तथा वहाँ लगे मियांवाकी पद्धति से विकसित उद्यान का निरीक्षण किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने सभी प्राचार्यों को पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रेरित करते हुए सुझाव दिया कि “प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी शिक्षा के प्रति। मियांवाकी पद्धति से लगाए गए इस उद्यान से प्रेरणा लेते हुए सभी महाविद्यालय अपने परिसरों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें। यह न केवल पर्यावरण सुधार में सहायक होगा, बल्कि छात्रों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित करेगा।”
बैठक में सभी प्राचार्यों ने राज्यपाल एवं कुलपति के मार्गदर्शन का स्वागत किया तथा NAAC मूल्यांकन एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
