रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में विधि विभाग के शोधार्थी निधि शंकर का वायवा पीएचडी प्रस्तुतीकरण संपन्न

बरेली, 20मई। विधि विभाग एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली मे आज शोधार्थी निधि शंकर का पीएचडी वायवा प्रस्तुतीकरण कार्यकम संपन्न हुआ। प्रस्तुतीकरण में बाह्य परीक्षक के रूप में,प्रो. डॉ जे. एस. बिष्ट, पूर्व संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष, सोवन सिंह जीना अल्मोड़ा यूनिवर्सिटी, अल्मोड़ा उत्तराखंड , उपस्थिति रहे। शोधार्थी सुपरवाइजर प्रो. डा. अमित सिंह विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष विधि विभाग, प्रो वी . के . गुप्ता, एसोसिएट प्रो.डॉ अरुण प्रकाश सिंह उपस्थित रहे।

अतिथिगण का स्वागत प्लांट और शॉल भेंट कर किया। वायवा प्रेजेंटेशन शोधार्थी श्रीमती निधि शंकर ने शीर्षक लीगल गवर्नेंस स्ट्रैटेजीस फॉर इंटीग्रेटेड रेलम्स ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एंड साइबर लॉ: ए कंपैरेटिव स्टडी ऑफ़ इंडिया ,यू. एस . ए. एंड यूरोपीय यूनियन पर दिया शोधार्थी द्वारा विधिक शासन नीतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स और साइबर अपराधों से संबंधित चुनौतियों एवं समस्याओं के समाधान केलिए अपने शोध में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए जिनमें साइबर क्राइम करने वालों का दायित्व को चिह्नित किया जाना ,साइबर क्राइम और ए आई असिस्टेंट अपराध के संबंध में जागरूकता, साइबर एवं आई अपराधों को लेकर अलग से रिपोर्टिंग किए जाने एवं स्वतंत्र ए आई रेगुलेटरी बॉडी को बनाए जाने एवं उनकी एथिकल और लीगल स्टैंडर्ड का पालन कराए जाने का सुझाव दिया। कॉपीराइट एक्ट 1957और पेटेंट एक्ट1970 के परिभाषा खंड को संशोधित करने का सुझाव दिया ताकि ए आई सिस्टम असिस्टेंट इन्वेंशन तथा ए आई जेनरेटेड इन्वेंशन को साफ तौर पर पहचाना जा सके। डाटा संरक्षण कानून को और सख़्त और विशिष्ट बनाने की जरूरत है प्राइवेट सुरक्षा को थियोरेटिकल के साथ प्रैक्टिकल लागू किया जाने व ए आई से जुड़े कानूनों को यूरोपियन देशों के समान सेक्टर विशेष रिस्क के अनुसार रेगुलेशन को ऑनलाइन करते हुए बनाना जाने का सुझाव भी अपने शोध में प्रस्तुत किया।

शोध सुपरवाइजर प्रो. अमित सिंह विभागाध्यक्ष विधि विभाग एमजेपी रुहेलखंड के सुपरविजन में पूर्ण किया । इस अवसर पर विधि विभाग के शिक्षक डॉ शहनाज अख्तर, डॉ लक्ष्मी देवी, डॉ प्रीति वर्मा,प्रेक्षा सिंह,अमित कुमार सिंह, प्रियदर्शिनी रावत,डॉ सचिन रस्तोगी, डॉ अनुराधा यादव तथा रिसर्च स्कॉलर शैलेंद्र सिंह , श्रद्धा स्वरूप, सचिन कुमार एवं एल एल एम की छात्र-छात्राएं और विधि विभाग के कर्मचारी गुलाब सिंह ,राम वचन ,मोहित आदि सभी उपस्थित रहे।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
