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आधी रात बरपा बारिश का कहर! सोते हुए परिवार पर टूटा मिट्टी का पहाड़, दो मासूम बच्चियों समेत 3 की दर्दनाक मौत

नई दिल्ली: कर्नाटक के मंगलुरु में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बुधवार तड़के हुए भूस्खलन ने एक मकान को पूरी तरह तबाह कर दिया, जिससे दो मासूम बच्चियों समेत परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे के समय परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक रातभर हुई तेज बारिश के चलते मंगलुरु के नागोरी क्षेत्र में भूस्खलन हुआ। अचानक पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा नीचे आया और एक मकान पर जा गिरा। भारी दबाव के कारण मकान ढह गया और उसमें रह रहे परिवार के छह सदस्य मलबे में दब गए।

मलबे में दबा पूरा परिवार, तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की टीम और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिशें तेज कर दी गईं।

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 46 वर्षीय शांता, उनकी आठ वर्षीय बेटी अनामिका चौरसिया और चार वर्षीय बेटी परी के रूप में हुई है। तीनों को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

तीन लोगों को जिंदा निकाला गया

बचाव दल ने मलबे में दबे परिवार के तीन अन्य सदस्यों को जीवित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। 48 वर्षीय बालकृष्ण, 14 वर्षीय अलका और 11 वर्षीय अनुष्का को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

अधिकारियों के अनुसार यह परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और पिछले लगभग दो दशकों से कांकानाडी इलाके में निवास कर रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसककर मकान पर आ गिरा, जिससे यह हादसा हुआ।

एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा, अभियान हुआ पूरा

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम भी खोज और बचाव अभियान में शामिल हुई। घंटों की मशक्कत के बाद मलबे से तीन शव बरामद किए गए, जिसके बाद राहत अभियान समाप्त कर दिया गया।

प्रशासन ने जारी की चेतावनी

दक्षिण कन्नड़ के उपायुक्त ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया और बचाव कार्य में लगे अधिकारियों से पूरी जानकारी प्राप्त की। जिला प्रशासन ने लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

प्रशासन ने यह भी बताया कि घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन शुरू कर दिया गया है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि वहां रहना सुरक्षित है या नहीं।

 

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