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पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता? ट्रंप के बयान से कच्चे तेल में 5% की गिरावट, वैश्विक बाजार में बड़ी हलचल

नई दिल्ली: आम आदमी को आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में करीब 5 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ बड़े समझौते के संकेत दिए हैं। बयान के बाद वैश्विक तेल बाजार में तुरंत असर देखने को मिला और ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी फिसलकर करीब 99 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। हालांकि, शुरुआती गिरावट के बाद कीमतों में हल्की रिकवरी भी दर्ज की गई है।

ट्रंप के बयान से तेल बाजार में मची हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान ने वैश्विक निवेशकों और तेल कारोबारियों में नई उम्मीद जगा दी है। ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत अंतिम चरण में है, जिससे यह संकेत मिला कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है। इसी उम्मीद के चलते कच्चे तेल में मौजूद जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम तेजी से घटा है और बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर घटा तनाव, सप्लाई चेन को राहत की उम्मीद
तेल बाजार में इस पूरे घटनाक्रम के पीछे सबसे अहम चिंता ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को लेकर रही है, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। लंबे समय से यह आशंका बनी हुई थी कि अगर यह समुद्री मार्ग बाधित होता है तो वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। लेकिन ताजा कूटनीतिक संकेतों के बाद बाजार में उम्मीद बढ़ी है कि फारस की खाड़ी से तेल आपूर्ति सामान्य हो सकती है, जिससे कीमतों में और नरमी आ सकती है।

तेल सप्लाई को सामान्य होने में लग सकता है लंबा समय
हालांकि बाजार में फिलहाल राहत का माहौल है, लेकिन विशेषज्ञ अभी भी सतर्क हैं। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के सीईओ सुल्तान अल जाबेर के मुताबिक, यदि यह भू-राजनीतिक तनाव तुरंत समाप्त भी हो जाए, तब भी मिडिल ईस्ट से तेल आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य होने में 2027 तक का समय लग सकता है। उनका कहना है कि सप्लाई नेटवर्क को पुराने स्तर पर लाना एक लंबी और जटिल प्रक्रिया होगी।

कुल मिलाकर कच्चे तेल की कीमतों में आई यह गिरावट फिलहाल वैश्विक बाजार के लिए राहत की खबर जरूर है, लेकिन इसकी स्थिरता आने वाले भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।

 

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