‘PM मोदी यूएई के लिए अनमोल’, अमीराती मंत्री बोलीं- भारत संग रिश्ते पहुंचे नई ऊंचाइयों पर
अबू धाबी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा से पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी 15 मई से शुरू हो रही अपनी विदेश यात्रा के पहले चरण में यूएई पहुंचेंगे। इस दौरे से पहले यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने भारत-यूएई संबंधों पर बड़ा बयान देते हुए प्रधानमंत्री मोदी को अमीरात के लिए “अनमोल” बताया है।
एक इंटरव्यू में रीम अल हाशिमी ने कहा कि भारत और यूएई के संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के दिलों और सांस्कृतिक जुड़ाव से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी अमीराती नागरिक से बात की जाए, तो उसका भारत से किसी न किसी रूप में जुड़ाव जरूर सामने आता है।

सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों पर जोर
मंत्री ने बताया कि उनके अपने परिवार के सदस्य भी इलाज और पारंपरिक चिकित्सा के लिए भारत आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मसाले, कपड़े और संस्कृति यूएई के रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
व्यापारिक संबंधों में तेज विस्तार
रीम अल हाशिमी ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के बाद भारत और यूएई ने 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को पार कर लिया है और अब 200 अरब डॉलर के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “मजबूत भारत और मजबूत यूएई” एक-दूसरे के बिना भविष्य की कल्पना नहीं कर सकते। दोनों देश अब पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों में भी साझेदारी बढ़ा रहे हैं।
एआई और नई तकनीक में सहयोग की तैयारी
यूएई मंत्री ने कहा कि देश भारत के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटिंग और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है। उन्होंने भारत की तकनीकी क्षमता और नेतृत्व को इस साझेदारी की बड़ी ताकत बताया।

उन्होंने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना पर दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत चल रही है, जो भविष्य में वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकती है।
ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक हालात पर चर्चा संभव
पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए रीम अल हाशिमी ने कहा कि ऊर्जा अब वैश्विक राजनीति में एक अहम रणनीतिक मुद्दा बन चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा और स्थिर आपूर्ति जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
मोदी-MBZ संबंधों की सराहना
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और यूएई राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच बेहद मजबूत और व्यक्तिगत स्तर का भरोसा है, जिसने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई दी है।
उन्होंने कहा कि यूएई की जनता प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए उत्साहित है और उनकी हर यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करती है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा 15 से 20 मई तक चलेगी। यूएई के बाद वह नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। इसे भारत की वैश्विक कूटनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
