रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्रो. अलोक श्रीवास्तव विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल

बरेली,15 जून। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के पादप विज्ञान संकाय के विभागाध्यक्ष एवं पादप विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. अलोक श्रीवास्तव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। उन्हें SciRank Global Registry 2025 द्वारा विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों (World’s Top 5% Scientists) में स्थान प्रदान किया गया है।

यह सम्मान वैज्ञानिक शोध, प्रकाशनों, उद्धरणों (Citations) तथा अन्य महत्वपूर्ण बिब्लियोमेट्रिक मानकों के कठोर मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया है। SciRank Global द्वारा जारी आधिकारिक प्रमाणपत्र के अनुसार प्रो. श्रीवास्तव को स्वतंत्र रूप से सत्यापित कर वर्ष 2025 की वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग में शामिल किया गया है।
प्रो. अलोक श्रीवास्तव को यह सम्मान हैवी मेटल डिटॉक्सिफिकेशन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए मिला है, विशेष रूप से आर्सेनिक, क्रोमियम और मर्करी जैसी विषैली धातुओं को विषैले रूप से गैर-विषैले रूप में परिवर्तित कर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए किए गए शोध के लिए यह उपलब्धि प्रदान की गई है।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. पी. सिंह, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं कर्मचारियों ने प्रो. श्रीवास्तव को बधाई देते हुए इसे विश्वविद्यालय तथा प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। विश्वविद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में पादप विज्ञान विभाग शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।

प्रो. श्रीवास्तव ने इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा: “मैं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. पी. सिंह का विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और दूरदर्शी नेतृत्व ने मेरे शोध कार्यों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की। उनके सहयोग और विश्वविद्यालय प्रशासन के सकारात्मक वातावरण के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। मैं अपने सहकर्मियों, शोधार्थियों तथा पूरे विश्वविद्यालय परिवार का भी हृदय से धन्यवाद करता हूँ। यह सम्मान मुझे समाजोपयोगी विज्ञान के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।”
प्रो. श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति का प्रतिफल है।
विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सभी हितधारकों को इस उपलब्धि पर गर्व है और भविष्य में और भी उत्कृष्ट शोध की कामना है।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
