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सिख समाज को एकजुट करने का संकल्प, सरकार से उचित प्रतिनिधित्व देने की उठी मांग

गोण्डा। उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी के तत्वावधान में रविवार को मालवीय नगर स्थित गुरुद्वारा श्री दुःख निवारण साहिब के मीटिंग हॉल में सिख समाज की प्रांतीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं साध-संगत ने समाज की एकजुटता, संगठन की मजबूती तथा सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक सरोकारों पर गंभीर मंथन किया। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य एवं उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा द्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरपर्सन परविंदर सिंह ने की, जबकि संचालन देवीपाटन मंडल के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र सिंह खुराना ने किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में परविंदर सिंह ने कहा कि सिख समाज की पहचान सेवा, समर्पण, समानता, त्याग और राष्ट्रभक्ति की भावना से रही है। उन्होंने कहा कि समाज को एक सूत्र में संगठित कर नई पीढ़ी को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं और संस्कारों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संख्या कम होने

के बावजूद सिख समाज ने हमेशा देश सेवा, समाज सेवा और मानवता की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है तथा भविष्य में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाता रहेगा। इस दौरान उन्हें शिरोपा एवं ममेंटो देकर सम्मानित भी किया गया बैठक में वक्ताओं ने समाज से आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने, सामाजिक समरसता को सुदृढ़ बनाने तथा समाजहित के मुद्दों पर संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज के प्रत्येक वर्ग को
लेकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार से सिख समाज को विभिन्न सरकारी समितियों,आयोगों एवं सलाहकार निकायों में समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। साथ ही गुरुद्वारों एवं अन्य धार्मिक स्थलों को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए विशेष कानून बनाने, अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा समाज के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि सिख समाज ने देश की आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इसलिए सरकार को समाज की भावनाओं और आवश्यकताओं का सम्मान करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील और सकारात्मक पहल करनी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, जिला एवं मंडल स्तर पर समन्वय समितियों को सक्रिय करने तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अंत में समाज की एकता, भाईचारे, सामाजिक समरसता और जनसेवा के संकल्प के साथ बैठक का समापन हुआ। बैठक में लखनऊ, गोण्डा, करनैलगंज, बलरामपुर, उतरौला, तुलसीपुर, बहराइच, मटेरा, अयोध्या, बस्ती, टांडा और बाराबंकी सहित विभिन्न जनपदों की गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों के पदाधिकारियों एवं साध संगत ने सहभागिता की।उक्त अवसर पर सरदार महेन्द्र सिंह छाबड़ा,सरदार राजेन्द्र सिंह खुराना, सरदार अजीत सिंह सलूजा,रिप्पी भाटिया,सरदार जसपाल सिंह सलूजा,सरदार त्रिलोचन सिंह आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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