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एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में “साइंस इन एक्शन” रोबोटिक्स बूटकैंप नवाचार एवं तकनीकी शिक्षा का बन रहा केंद्र

बरेली।महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (FET) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित “Science in Action Robotics Bootcamp 2026” विद्यार्थियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय एवं प्रेरणादायक साबित हो रहा है। इस ग्रीष्मकालीन आउटरीच कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राएं, पॉलिटेक्निक तथा बी.एससी. के विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।

बूटकैंप का उद्देश्य प्रतिभागियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, सेंसर तकनीक और प्रोग्रामिंग की व्यावहारिक समझ प्रदान करना है। साथ ही, उन्हें प्रेजेंटेशन स्किल्स, कम्युनिकेशन स्किल्स, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता एवं समस्या समाधान कौशल का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनका सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास हो सके।

चार दिवसीय कार्यशाला की प्रमुख झलकियाँ :-
दिवस थीम प्रमुख परियोजनाएँ
प्रथम दिवस इलेक्ट्रॉनिक्स की नींव LED Blink, Traffic Light with Time Delay, Reaction Timer
द्वितीय दिवस सेंसर आधारित स्मार्ट तकनीक Touchless Alarm, Distance Detector, Digital Temp/Humidity Monitor
तृतीय दिवस स्मार्ट लाइटिंग एवं ऑटोमेशन Automatic Street Light, Colour Changing Lamp, Motion Controlled Light
चतुर्थ दिवस स्मार्ट सुरक्षा एवं मोटर नियंत्रण Barrier Opening System, Safe Box, Password Protected Door, OLED Display
स्टूडेंट-टू-स्टूडेंट लर्निंग की अनोखी पहल
कार्यशाला की विशेषता यह है कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय वर्ष के छात्र आश्मित वर्मा, बिलाल खान, नितीश महौर एवं हरकीरत सिंह मेंटर के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। यह ‘स्टूडेंट-टू-स्टूडेंट लर्निंग’ का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

प्रो. के. पी. सिंह, माननीय कुलपति, एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय ने कहा कि “यह बूटकैंप विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि हम केवल पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल एवं नवाचार से जोड़ना चाहते हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे। पूरे विश्वविद्यालय परिवार को इस आयोजन पर गर्व है।”

प्रो. अर्चना गुप्ता, डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने कहा कि “समर आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार की भावना और भविष्य की चुनौतियों का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना है। यह उन्हें आत्मविश्वासी और तकनीकी रूप से सक्षम नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

प्रो. मनीष राय, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ने कहा कि “रोबोटिक्स आज केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता है। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थी केवल तकनीक का उपयोग न करें, बल्कि स्वयं नवाचार करने के लिए प्रेरित हों।”

डॉ. इन्द्रप्रीत कौर, कार्यशाला समन्वयक ने कहा कि “प्रोजेक्ट-आधारित अधिगम के माध्यम से प्रतिभागी वास्तविक समस्याओं का तकनीकी समाधान विकसित कर रहे हैं। यह देखकर अत्यंत संतोष हो रहा है कि विद्यार्थी अत्यधिक उत्साह और जिज्ञासा के साथ भाग ले रहे हैं।”

इस आयोजन के सफल संचालन हेतु फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग विश्वविद्यालय प्रशासन, विशेष रूप से माननीय कुलपति प्रो. के. पी. सिंह के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में विश्वविद्यालय अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहा है।

रोबोटिक्स बूटकैंप 2026 ने विद्यार्थियों के भीतर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया है। प्रतिभागियों का अपार उत्साह यह दर्शाता है कि युवा पीढ़ी नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए पूर्णतः तैयार है।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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