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महिलाओं और पुरुषों में अलग होते हैं कार्डियक अरेस्ट के संकेत, 24 घंटे पहले दिख सकते हैं ये लक्षण

नई दिल्ली: देश में दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में भी इनके मामले देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में हृदय से जुड़ी किसी गंभीर घटना से पहले शरीर में दिखाई देने वाले संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट से पहले शरीर कुछ चेतावनी संकेत दे सकता है। इन संकेतों को समय रहते पहचानकर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना महत्वपूर्ण हो सकता है।

24 घंटे पहले मिल सकते हैं चेतावनी संकेत

एक हालिया अध्ययन के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट का सामना करने वाले करीब 50 प्रतिशत लोगों में हृदय की कार्यप्रणाली प्रभावित होने से लगभग 24 घंटे पहले एक अलग तरह का चेतावनी संकेत देखा गया। कार्डियक अरेस्ट उस स्थिति को कहा जाता है, जब हृदय शरीर में रक्त पंप करना बंद कर देता है और व्यक्ति सामान्य रूप से सांस लेना भी बंद कर देता है।

अध्ययन में सामने आया है कि कार्डियक अरेस्ट से पहले दिखाई देने वाले चेतावनी संकेत महिलाओं और पुरुषों में एक जैसे नहीं होते। इसलिए लक्षणों को लेकर जागरूक रहना जरूरी है।

महिलाओं में सांस लेने में तकलीफ प्रमुख संकेत

अमेरिका के सीडर्स-सिनाई मेडिकल सेंटर के स्मिड्ट हार्ट इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए अध्ययन में पुरुषों और महिलाओं में कार्डियक अरेस्ट से पहले दिखाई देने वाले अलग-अलग लक्षणों की जानकारी सामने आई।

अध्ययन के मुताबिक, महिलाओं में अचानक होने वाले कार्डियक अरेस्ट से पहले सांस लेने में तकलीफ सबसे प्रमुख चेतावनी संकेत पाया गया। वहीं पुरुषों में सीने में दर्द प्रमुख लक्षण के रूप में सामने आया।

ये लक्षण भी हो सकते हैं संकेत

कार्डियक अरेस्ट से पहले कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इनमें कमजोरी महसूस होना, जी मिचलाना, अचानक बहुत ज्यादा पसीना आना, सांस लेने में कठिनाई और सीने में तेज दर्द शामिल हैं। हालांकि हर व्यक्ति में लक्षण एक जैसे हों, यह जरूरी नहीं है।

दिल को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी

हृदय संबंधी जोखिम को कम करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण माना जाता है। धूम्रपान से दूरी बनाने के साथ वजन को नियंत्रित रखना और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करना फायदेमंद हो सकता है।

इसके अलावा मधुमेह, उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडेमिया जैसी स्थितियों को नियंत्रण में रखना जरूरी है। खान-पान में अधिक वसा और चीनी वाली चीजों का सेवन कम करना चाहिए। कार्बोनेटेड पेय से बचने और संतुलित आहार अपनाने पर भी जोर दिया जाता है।

अगर अचानक सांस लेने में गंभीर परेशानी, सीने में तेज दर्द या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

 

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