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रेगिस्तान की रेत के नीचे छिपा था इतिहास का खजाना! 18 प्राचीन कब्रें, सुनहरी जीभ और सदियों पुराना शहर मिलने से दुनिया हैरान

नई दिल्ली: मिस्र के पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्र में पुरातत्वविदों ने ऐसी ऐतिहासिक खोज की है जिसने वैज्ञानिकों और इतिहासकारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खुदाई के दौरान एक सुव्यवस्थित प्राचीन बस्ती, 18 नई कब्रें और मृतकों के मुंह में रखी गई रहस्यमयी ‘सुनहरी जीभ’ मिली है। विशेषज्ञ इसे हाल के वर्षों की सबसे अहम पुरातात्विक खोजों में से एक मान रहे हैं। मिस्र सरकार का कहना है कि इन खोजों से देश के ऐतिहासिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

यह महत्वपूर्ण खोज अलेक्जेंड्रिया के निकट दाखला ओएसिस और मरीना एल-अलामीन पुरातात्विक स्थलों पर की गई है। पर्यटन एवं पुरावशेष मंत्रालय के अनुसार, प्राचीन शहर से बाइजेन्टाइन शासनकाल के दौरान सामाजिक जीवन, शहरी विकास और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

चौथी शताब्दी का सुव्यवस्थित शहर आया सामने

पुरातत्व मिशन के प्रमुख महमूद मसूद के अनुसार, यह प्राचीन शहर चौथी शताब्दी के मध्य में बने एक बेसिलिका चर्च परिसर के ऊपर विकसित हुआ था। खुदाई में मुख्य सड़कें, सुरक्षा के लिए बनाए गए दो वॉच टावर और मजबूत दीवारों से घिरा किलेनुमा ढांचा मिला है।

शोधकर्ताओं को कई आवासीय भवन भी मिले हैं, जिनमें स्वागत कक्ष, गुंबददार छतें, रसोई, रोटी पकाने के ओवन और पत्थर से बने अनाज पीसने के उपकरण शामिल हैं। इन अवशेषों से उस दौर के लोगों की जीवनशैली और दैनिक गतिविधियों की झलक मिलती है।

सिक्कों और दस्तावेजों ने खोले इतिहास के नए पन्ने

खुदाई के दौरान बाइजेन्टाइन सम्राटों की आकृतियों वाले कांस्य सिक्के, लैटिन भाषा के शिलालेख, ईसाई प्रतीकों वाली मुद्राएं और रोमन सम्राट कॉन्सटेंटियस द्वितीय के शासनकाल के स्वर्ण सिक्के भी बरामद हुए हैं।

इसके अलावा करीब 200 मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े मिले हैं, जिन्हें ऑस्ट्राका कहा जाता है। इन पर आर्थिक लेन-देन, निजी पत्राचार और दैनिक जीवन से जुड़े लेख अंकित हैं, जो उस समय की प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक ढांचे को समझने में मददगार माने जा रहे हैं।

18 नई कब्रों ने बढ़ाई पुरातत्वविदों की उत्सुकता

मरीना एल-अलामीन पुरातात्विक स्थल पर 18 नई कब्रों की खोज भी हुई है। इनमें 11 कब्रें चट्टानों को काटकर करीब आठ मीटर की गहराई में बनाई गई थीं, जबकि सात कब्रें चूना पत्थर से निर्मित हैं। इस खोज के बाद इस स्थल पर मिली कुल कब्रों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है।

इन कब्रों से मिट्टी के बर्तन, प्राचीन सुराहियां, दीपक, प्लेटें, पूजा वेदियां और चूना पत्थर के बेसिन भी मिले हैं, जिन्हें शोध के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘सुनहरी जीभ’ और ग्रेनाइट का ताबूत बने आकर्षण का केंद्र

खुदाई के दौरान लगभग 2.5 मीटर लंबा ग्रेनाइट का ताबूत भी मिला, जिसमें मानव कंकाल सुरक्षित अवस्था में पाया गया। इसके साथ प्लास्टर से बनी स्फिंक्स प्रतिमा के अवशेष भी बरामद हुए हैं।

सबसे रहस्यमयी खोज कुछ मृतकों के मुंह में रखे गए सोने के चार छोटे टुकड़े हैं, जिन्हें ‘सुनहरी जीभ’ कहा जाता है। प्राचीन मिस्र की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृतकों के मुंह में सोने की जीभ रखने की परंपरा इसलिए थी ताकि वे परलोक में देवताओं के सामने अपनी बात रख सकें।

पर्यटन को मिल सकती है नई रफ्तार

मरीना एल-अलामीन को भूमध्य सागर के किनारे स्थित प्राचीन ग्रीको-रोमन बंदरगाह ल्यूकास्पिस का हिस्सा माना जाता है, जो दूसरी से चौथी शताब्दी के बीच एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र था। मिस्र सरकार को उम्मीद है कि इन नई पुरातात्विक खोजों से देश के ऐतिहासिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 1.9 करोड़ पर्यटकों ने मिस्र का दौरा किया, जबकि 2026 के शुरुआती चार महीनों में 61 लाख विदेशी पर्यटक वहां पहुंच चुके हैं।

 

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