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US: महंगाई पर काबू पाने के लिए फेडरल रिजर्व का बड़ा फैसला, ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी

वाशिंगटन: अमेरिका में लगातार बनी हुई महंगाई पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने सख्त कदम उठाया है। व्हाइट हाउस के दबाव के बीच फेड ने बुधवार को बेंचमार्क ब्याज दर में 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी। वर्ष 2023 के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर बढ़ाई है। इस फैसले का असर अमेरिकी उपभोक्ताओं के साथ-साथ वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।

बेंचमार्क ब्याज दर बढ़कर करीब 3.9 फीसदी

फेडरल रिजर्व ने मुख्य ब्याज दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इसके बाद अमेरिका में बेंचमार्क ब्याज दर बढ़कर करीब 3.9 फीसदी हो गई है। ब्याज दरों में इस बढ़ोतरी का असर समय के साथ होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरों पर पड़ सकता है, जिससे कर्ज लेना महंगा हो सकता है।

साल के अंत तक 4.1 फीसदी तक बढ़ सकती है दर

फेड की दर-निर्धारण समिति एफओएमसी ने अपने त्रैमासिक अनुमानों में आगे भी दर बढ़ने के संकेत दिए हैं। समिति के अनुमान के मुताबिक, महंगाई पर नियंत्रण के लिए इस साल के अंत तक ब्याज दर को बढ़ाकर 4.1 फीसदी तक किया जा सकता है।

केंद्रीय बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मौजूदा नीतिगत कदम महंगाई को समयबद्ध तरीके से फेड के 2 फीसदी के लक्ष्य तक वापस लाने में मदद करेगा।

महंगाई के बीच अमेरिकी उपभोक्ताओं पर बढ़ सकता है कर्ज का बोझ

फेड का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी जनता खाद्य पदार्थों, पेट्रोल-डीजल और आवास की बढ़ती कीमतों का सामना कर रही है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद उपभोक्ताओं के लिए कर्ज लेना और महंगा हो सकता है। अमेरिका में करीब सात सप्ताह बाद मध्यावधि चुनाव भी होने हैं और महंगाई चुनावी अभियानों में प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।

केविन वॉश के रुख में आया बदलाव

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फेडरल रिजर्व के नए चेयरपर्सन केविन वॉश ने इसी साल मई में पद संभाला था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से नियुक्त किए गए वॉश ने पिछले साल इस पद के लिए विचार किए जाने के दौरान ब्याज दरों में कटौती की संभावना के संकेत दिए थे। उन्होंने ट्रंप की कम ब्याज दरों की मांग का भी समर्थन किया था।

हालांकि, पद संभालने के बाद लगातार ऊंची बनी महंगाई के बीच वॉश ने केंद्रीय बैंक की नीतिगत स्वायत्तता और महंगाई पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी है। इसी रुख के बीच फेड ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।

जनवरी 2026 से स्थिर थीं ब्याज दरें

अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने जनवरी 2026 से ब्याज दरों को स्थिर रखा था। इस दौरान फेड ने ऊर्जा कीमतों में अचानक आए उछाल के प्रभाव का आकलन करने और टैरिफ का अर्थव्यवस्था तथा कीमतों पर पड़ने वाले असर को समझने के लिए इंतजार किया।

हालांकि, पिछली फेड बैठक में मतदान करने वाले सदस्यों में से एक-चौथाई ने तत्काल ब्याज दर बढ़ाने की मांग की थी। यह राय बाकी नौ मतदान सदस्यों के रुख से अलग थी।

ट्रंप की कम दरों की मांग के बीच फेड का फैसला

फेडरल रिजर्व ने 2023 के बाद पहली बार बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाई है। 0.25 फीसदी की इस बढ़ोतरी के बाद दरें करीब 3.9 फीसदी हो गई हैं। इससे होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड पर ब्याज महंगा होने की संभावना है। वहीं, फेड ने साल के अंत तक ब्याज दर को 4.1 फीसदी तक ले जाने के संकेत दिए हैं।

 

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