बीबीएयू में गूंजा नवाचार का उत्साह, स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन-2026 में विद्यार्थियों ने पेश किए तकनीकी समाधान

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में बुधवार को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन, इनोवेशन सेल और स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन-2026 के संयुक्त तत्वावधान में ‘इंटर्नल स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इस दौरान विद्यार्थियों ने नवाचार, रचनात्मक सोच और तकनीकी कौशल पर आधारित विभिन्न मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद विश्वविद्यालय कुलगीत का गायन हुआ और आयोजन समिति की ओर से मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। मंच पर डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा, प्रो. धीरेन्द्र पाण्डेय और कार्यक्रम संयोजक प्रो. पवन कुमार चौरसिया भी मौजूद रहे।
विकसित भारत के लिए नवाचार और तकनीक पर दिया जोर
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर नई उम्मीद के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को फिर से विश्वगुरु बनाना है तो युवाओं को नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नवाचार, उद्यमिता, डिजिटलीकरण और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग को आवश्यक बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों से समाज की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके व्यावहारिक और तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर लगातार प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है।
विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच और टीमवर्क के लिए किया प्रेरित
इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा, प्रो. धीरेन्द्र पाण्डेय और कार्यक्रम संयोजक प्रो. पवन कुमार चौरसिया ने भी विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज और देश की चुनौतियों के समाधान के लिए किया जाना चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए अपने विचारों को व्यवहारिक रूप देने की सलाह दी।
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विभिन्न टीमों ने प्रस्तुत किए नवाचारी प्रोजेक्ट
हैकेथॉन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की अनेक टीमों ने भाग लेकर अपने नवाचारी प्रोजेक्ट और तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने सामाजिक और व्यावहारिक समस्याओं पर आधारित मॉडल प्रदर्शित करते हुए अपनी रचनात्मक सोच और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया।
विजेता टीमों को राष्ट्रीय स्तर तक मिलेगा अवसर
कार्यक्रम में चयनित विजेता टीमों को जनपद, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इन प्रतियोगिताओं में वे अपने नवाचार और तकनीकी समाधानों के माध्यम से विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगी।
शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अभिषेक वर्मा, डॉ. मंगलदीप गुप्ता सहित विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक, गैर शिक्षण कर्मचारी, प्रतिभागी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

