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एम्स रायबरेली में उन्नत लेज़र सर्जरी की विशेष कार्यशाला, देशभर के विशेषज्ञों ने सीखी जटिल सांस नली उपचार की आधुनिक तकनीक

रायबरेली: एम्स रायबरेली के कान, नाक और गला रोग विभाग में उन्नत लेज़र सर्जरी पर दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य फोकस लेज़र तकनीक के माध्यम से जटिल सांस नली और स्वरयंत्र संबंधी विकारों के उपचार में चिकित्सकों की दक्षता बढ़ाने और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने पर रहा।

प्रत्यक्ष सर्जरी से मिली आधुनिक तकनीकों की जानकारी

देशभर से कान, नाक और गला रोग विशेषज्ञ इस दो दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए। पहले दिन प्रत्यक्ष सर्जरी के माध्यम से प्रतिभागी सर्जनों को चुनौतीपूर्ण सांस नली संबंधी स्थितियों के उपचार में लेज़र तकनीक के व्यावहारिक उपयोग को देखने का अवसर मिला। इस दौरान आधुनिक सर्जिकल तकनीकों से भी उन्हें अवगत कराया गया।

शव पर अभ्यास के जरिए सर्जिकल दक्षता निखारने का अवसर

कार्यशाला का दूसरा दिन शव पर अभ्यास और व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए निर्धारित किया गया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को नियंत्रित प्रशिक्षण वातावरण में अपनी सर्जिकल दक्षता विकसित करने और उसे और बेहतर बनाने का अवसर देना है।

कार्यशाला में पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ और लखनऊ सहित कई प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ शिक्षक और विशेषज्ञ शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ अपनी विशेषज्ञता, सर्जिकल अनुभव और तकनीकी जानकारी साझा की।

डॉ. अमिता जैन ने बताया प्रशिक्षण का महत्व

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इस अवसर पर एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने आधुनिक चिकित्सा शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं उन्नत सर्जिकल प्रक्रियाओं के प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और चिकित्सकों को लेज़र जैसी नवीनतम तकनीक के उपयोग में दक्षता हासिल करने में सहायता करती हैं। इससे अंततः मरीजों की देखभाल बेहतर होने में मदद मिलती है।

गले और सांस नली के इलाज में अहम बन रही लेज़र तकनीक

डॉ. अनन्या सोनी के अनुसार, सांस की नली का सिकुड़ना और गले से जुड़ी कई अन्य बीमारियों के उपचार में लेज़र तकनीक एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरी है। लेज़र की सहायता से की जाने वाली प्रक्रियाओं के जरिए प्रभावी उपचार संभव है और कई परिस्थितियों में पारंपरिक खुली सर्जरी की जरूरत से बचा जा सकता है।

इस उन्नत तकनीक के उपयोग से गले और सांस की नली की जटिल बीमारियों के इलाज में संस्थान की क्षमताएं और मजबूत होने की उम्मीद है।

उन्नत सर्जिकल प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम

कार्यकारी निदेशक के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का सफल आयोजन उन्नत सर्जिकल प्रशिक्षण, तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के प्रति एम्स रायबरेली की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यशाला के सफल आयोजन में डॉ. अरिजीत जोतदार और डॉ. ध्रुव कपूर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

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