प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम को दी पहले एयरपोर्ट की सौगात

गंगटोक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सिक्किम को उसके पहले एयरपोर्ट की सौगात दी है. उन्‍होंने पाकयोंग ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का सोमवार को उद्घाटन किया. इस दौरान उनके साथ मुख्‍यमंत्री पवन चामलिंग और केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु भी मौजूद रहे. यह एयरपोर्ट 206 एकड़ में फैला है और इससे बनाने में 605.59 करोड़ रुपये की लागत आई है.

मुख्‍यमंत्री पवन चामलिंग ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन सिक्किम के लिए ऐतिहासिक दिन है. उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी आप जैसा प्रधानमंत्री हमारे देश को मिला है, यह हमारे देश का सौभाग्‍य है. हम इस पर गर्व महसूस करते हैं. पाकयोंग ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट गंगटोक से करीब 33 किलोमीटर दूर है. इस एयरपोर्ट से सिक्किम आने जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी. इससे दिल्‍ली से सिक्कित की दूरी 2 घंटे में तय की जा सकेगी. पीएम मोदी पाकयोंग में सेंट जेवियर्स स्कूल में लोगों को संबोधित भी करेंगे.

पीएम मोदी रविवार को अपने दो दिवसीय दौरे यहां पहुंचे थे. प्रधानमंत्री बागडोगरा से एमआई-8 हेलीकाप्टर से यहां पहुंचे और सेना के लिबिंग हेलीपैड पर राज्यपाल गंगा प्रसाद, मुख्यमंत्री पवन चामलिंग और अन्य ने उनकी अगवानी की थी. रविवार को प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग वर्षा के बावजूद सड़क के दोनों ओर जुटे हुए थे. मोदी ने भी अपने वाहन से लोगों की ओर हाथ हिलाया. बाद में प्रधानमंत्री ने राजभवन में भाजपा नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की.

लौटते मानसून का कहर, हिमाचल में भारी बारिश, केरल में येलो अलर्ट

सिक्किम की राजधानी गंगटोक के ऊंचे पहाड़ी इलाके में बने इस ग्रीनफील्‍ड एयरपोर्ट को हाल ही में सिविल एविएशन विभाग की ओर से कॉमर्शियल उड़ानों की परमीशन मिली है. यह एयरपोर्ट चीन बॉर्डर से सिर्फ 60 किमी दूर है. यहां से उड़ने वाले एयरफोर्स विमानों को चीन सीमा तक पहुंचने में कुछ ही मिनट का समय लगेगा. यह एयरपोर्ट देश का 100वां वर्किंग एयरपोर्ट होगा. हाल ही में भारतीय वायुसेना का एक डोर्नियर 228 इस हवाई अड्डे पर ट्रायल के तौर पर उतारा गया था. इसके अलावा यात्री विमानों की टेस्टिंग के तौर पर स्‍पाइसजेट पहले ही यहां ड्राई रन कर चुकी है.

यह एयरपोर्ट 206 एकड़ में फैला है और इससे बनाने में 605.59 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसमें जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया गया है और यहां की मिट्टी में एयरपोर्ट की जरूरतों के हिसाब से बदलाव किए गए हैं. साथ ही स्लोप स्टेबलाइजेशन तकनीक भी लगाई गई है. पिछले दिनों एक अधिकारी ने किराए कि बता करते हुए कहा कि स्पाइसजेट को रीजनल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ‘उड़े देश का हर नागरिक’ (उड़ान) योजना के तहत ऑपरेशन की इजाजत मिली है, इसलिए किरायों पर दी गई कैप 2,600 रुपये है.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper