उत्तर प्रदेश

आईवीआरआई में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

 

बरेली , 22 अगस्त । भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वैज्ञानिकों के लिए पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का कल शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर के 8 संस्थानों के कुल 18 वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं ।

उदघाटन अवसर पर बोलते हुए संस्थान के निदेशक डॉ त्रिवेणी दत्त ने कहा कि आईसीएआर ने अपने वैज्ञानिकों के लिए एनएबीएल असेसर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों को असेसर के रूप में प्रशिक्षित करना है, ताकि वे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के साथ आईसीएआर प्रयोगशालाओं को मान्यता प्रदान करा सके। उन्होने बताया कि माननीय सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, आईसीएआर, डॉ. हिमांशु पाठक ने आईसीएआर संस्थानों में शोध प्रयोगशालाओं की मान्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के साथ आईसीएआर वेज्ञानिकों को प्रशिक्षण देने की पहल की है। उन्होने एनएबीएल के विशेषज्ञ डॉ. पंकज गोयल, उपनिदेशक तथा डा. आर. एस. सैनी, प्रमुख असेसर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि असेसर ट्रेनिंग के छठे बैच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान को चुना ।

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डॉ दत्त ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने के लिए आईसीएआर-आईवीआरआई की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कि आईवीआरआई ने छात्रों को सीखने के विविध क्षेत्र प्रदान करने के लिए तथा एनईपी के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 90 नए व्यावसायिक, प्रमाणपत्र और डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए हैं।

एनएबीएल के उपनिदेशक डॉ. पंकज गोयल ने इस अवसर पर कहा कि यह प्रशिक्षण प्रत्यायन प्रक्रियाओं के विभिन्न पहलुओं, प्रत्यायन मानदंडों की व्याख्या, प्रबंधन प्रणाली आवश्यकताओं प्रत्यायन निकाय संचालन और विनियमन, मूल्यांकन तकनीक, व्यायाम और मामले अध्ययन प्रदान करेगा। इस अवसर पर डा. आर. एस. सैनी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि प्रतिभागि सभी सत्रों में भाग ले तथा प्रशिक्षण के दौरान एनएबीएल विशेषज्ञों के साथ सक्रिय रूप से चर्चा करें ताकि इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें और एनबीएल से मूल्यांकनकर्ता के रूप में सूचीबद्ध हो सकें।

इससे पूर्व आइटीएमयू प्रभारी डॉ अनुज चौहान ने प्रशिक्षण में भाग लेने आये सभी वैज्ञानिकों का स्वागत एवं धन्यवाद किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में बताया। उन्होने कहा की इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईवीआरआई के अलावा आईसीएआर के हिसार, भरतपुर, मेरठ, नई दिल्ली, झाँसी तथा अविकानगर स्थित संस्थानों के वैज्ञानिक भाग ले रहें हैं । इस अवसर पर संस्थान के संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डॉ. एस के मेंदीरत्ता, संयुक्त निदेशक शोध डॉ एस..के सिंह तथा संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ रूपसी तिवारी सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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